US: H-1B व्यवसायों की ट्रेनिंग पर 11 सौ करोड़ रुपये करेगा निवेश, भारतीयों को होगी समस्या

अमेरिका H-1B व्यवसायों की ट्रेनिंग पर 11 सौ करोड़ रुपये निवेश करेगा (File Photo)
अमेरिका H-1B व्यवसायों की ट्रेनिंग पर 11 सौ करोड़ रुपये निवेश करेगा (File Photo)

अमेरिका ने अर्थव्यवस्था (America's Economy) के प्रमुख क्षेत्रों में मध्यम से उच्च-कुशल H-1B व्यवसायों की ट्रेनिंग (Training) में निवेश करने के लिए गुरूवार को $150 मिलियन (1,100 करोड़ रुपये से अधिक) की घोषणा की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 26, 2020, 11:32 AM IST
  • Share this:
वाशिंगटन. अमेरिका ने अर्थव्यवस्था (America's Economy) के प्रमुख क्षेत्रों में मध्यम से उच्च-कुशल H-1B व्यवसायों की ट्रेनिंग (Training) में निवेश करने के लिए गुरूवार को $150 मिलियन (1,100 करोड़ रुपये से अधिक) की घोषणा की. इस घोषणा से सीधे सीधे विदेशी श्रमिकों (Migrant Workers) के रोजगार पर फर्क पड़ेगा. अमेरिका इस तरह के ट्रेनिंग कार्यक्रम से अपने देश में ही कुशल श्रमिक पैदा कर बाहरी देशों जैसे भारत आदि से लोगों को न बुलाने की अपनी घोषणा पर कायम रह पाएगा.

इन व्यवसायों की दी जाएगी ट्रेनिंग

श्रम विभाग ने एक बयान में यह बताया कि जिन व्यवसायों में ट्रेनिंग दी जाएगी, उनमें इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और परिवहन प्रमुख हैं. इन व्यवसायों में H-1B वन वर्कफोर्स ग्रांट प्रोग्राम का इस्तेमाल वर्तमान कार्यबल को बनाए रखने और भविष्य के लिए श्रमिकों की एक नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए किया जाएगा.



कोरोना महामारी से लिया सबक, अब कर रहे हैं ये काम
श्रम विभाग ने अपने बयान में यह भी कहा कि कोरोनोवायरस महामारी ने ना केवल लेबर मार्किट में व्यवधान पैदा किया है बल्कि कई शिक्षा और प्रशिक्षण देने वालों और नियोक्ताओं को भी इस महामारी से पैदा हुई समस्याओं के कारण दुबारा सोचने पर मजबूर किया है. इस अनुदान कार्यक्रम में श्रम विभाग के रोजगार और प्रशिक्षण विभाग ने इस फंडिंग को कारगर बनाने के लिए एक बेहतर वर्कफोर्स सिस्टम को प्रोत्साहित करने पर विचार किया है. यह बेहतर वर्कफोर्स सिस्टम आवेदकों को ट्रेनिंग की नई रणनीतियों के साथ साथ ट्रेनिंग डिलीवरी के नए तरीके और अन्य प्रौद्योगिकी सिखाएगा. स्थानीय सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से अनुदानकर्ता अपने अपने समुदायों में प्रमुख उद्योग क्षेत्रों के भीतर मध्यम से उच्च-कुशल एच -1 बी व्यवसायों में रोजगार के लिए कैरियर मार्ग को आगे बढ़ाने के लिए जरुरी कौशल वाले व्यक्तियों को ट्रेनिंग देगा.

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान में भारतीय उच्च दूतावास पर हिंदुओं ने की रैली, लगाए ये आरोप... 

मक्का में उमरा की मिली इजाजत, भारत समेत इन देशों के यात्रियों पर बैन

रोजगार और प्रशिक्षण के सहायक सचिव जॉन पॉलाश ने कहा कि अमेरिकी श्रम विभाग देश के सभी समुदायों को 'वन वर्कफोर्स' के रूप में सोचने की चुनौती दे रहा है. आज कल के नौकरी के माहौल में यह महत्वपूर्ण है कि स्थानीय संगठन अलग अलग काम करने के बजाय एक साथ मिलकर काम करें. हमारा लक्ष्य साइबर सिक्योरिटी ,एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और परिवहन से जुड़े क्षेत्रों में मध्यम-से-उच्च-कुशल व्यवसायों में काम करने के लिए स्थानीय स्तर पर नौकरी करने वालों के लिए कैरियर मार्ग बनाने के लिए सहज सामुदायिक भागीदारी बनाना है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज