US के जज ने कहा- ट्रंप ने एजेंडे के तहत H-1B वीजा संबंधित निर्णय लिए

कैलिफोर्निया के जिला जज ने कहा कि ट्रंप ने जल्दबाजी में H-1B वीजा संबंधित निर्णय लिए

H-1B VIsa: कैलिफोर्निया के उत्तरी जिले के अमेरिकी जिला न्यायाधीश जेफरी एस. व्हाइट ने H-1B वीजा के संबंध में यह फैसला सुनाया कि ये बदलाव ट्रंप (Donald Trump) ने जल्दीबाजी में लिए गए थे और इन्हें लेते समय पारदर्शिता के नियमों का पालन नहीं किया गया था

  • Share this:
    वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों (Us Election 2020) से पहले ट्रंप (Donald Trump) ने H-1B वीजा से संबंधित अनेक विवादास्पद निर्णय लिए थे, जो इमीग्रेशन के सभी रूपों पर अंकुश लगाने के व्यापक एजेंडे का हिस्सा थे. इन निर्णयों को लेने का उद्देश्य भारतीयों सहित विदेशी श्रमिकों को वीजा मिलने में मुश्किलें पैदा और वीजा की संख्या में कटौती करना करना था. कैलिफोर्निया के उत्तरी जिले के अमेरिकी जिला न्यायाधीश जेफरी एस. व्हाइट ने वीजा के संबंध में यह फैसला सुनाया कि ये बदलाव जल्दीबाजी में लिए गए थे और इन्हें लेते समय पारदर्शिता के नियमों का पालन नहीं किया गया था और सार्वजानिक टिप्पणियों के लिए नोटिस और पर्याप्त समय भी नहीं दिया गया था.

    विशेष व्यवसायों में कटौती करना था ट्रंप का उद्देश्य

    अक्टूबर में घोषित H-1B वीजा कार्यक्रम पर लागू होने वाले बदलावों में कुशल विदेशी श्रमिकों को रोजगार देने वाली कंपनियों पर वेतन संबंधी नियम थोपने और विशेष व्यवसायों पर कटौती करना शामिल है. होमलैंड सुरक्षा अधिकारियों के विभाग ने कोरोनोवायरस के कारण नौकरियों के जाने के चलते इन नियमों को महत्वपूर्ण माना और अनुमान लगाया गया है कि हाल के वर्षों में H-1B के लिए आवेदन करने वालों में से एक-तिहाई को इन नए नियमों के तहत इंकार कर दिया गया होगा.

    अमेरिकियों की नौकरी बचाने के लिए लिया ट्रंप ने ये निर्णय: जज

    जज जेफ्री वाइट ने अपने निर्णय में कहा कि इन निर्णयों को लेते समय पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया था और ट्रम्प सरकार का यह तर्क है कि ये निर्णय कोरोना महामारी में आम अमेरीकियों की नौकरी जाने के चलते लिए गए थे, सरसर झूठ और आधारहीन है क्योंकि इस तरह के विचार बहुत पहले से लेने की बात चल रही थी लेकिन इन्हें चुनावों से कुछ समय पहले ही लिया गया. जज वाइट ने यह भी कहा कि कोविड-19 महामारी प्रतिवादियों के नियंत्रण से परे की घटना है लेकिन यह प्रतिवादियों के नियंत्रण में था कि वे समय से कार्यवाही करते. जज का साफ़ अर्थ यह था कि कोरोना को केवल बहाना बनाया जा रहा था.

     हंगरी के सांसद ने सेक्स पार्टी में शामिल होने की बात स्वीकार की, इस्तीफा दिया

    चुनाव से हफ्तों पहले घोषित किए गए H-1B नियम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इमीग्रेशन के सभी रूपों पर अंकुश लगाने के व्यापक एजेंडे का हिस्सा थे. जून में उन्होंने अस्थायी रूप से वर्ष के अंत तक एच-1 बी कार्यक्रम को निलंबित करने का आदेश भी जारी किया था. यूएस चम्बर ऑफ़ कॉमर्स और कई विश्वविद्यालय जैसे कैलिफोर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ने कैलिफोर्निया में मुकदमा कर दिया. उनका तर्क था कि इन बदलावों पर किसी तरह का कमेंट या विचार करने के लिए जनता को पर्याप्त समय नहीं दिया गया.



    अमेरिका में भारतीय को मिली 20 साल की सजा, कॉल सेंटर के जरिये दे रहा था धोखा

    अमेरिका हर साल 85,000 नए एच -1 बी वीजा जारी करता है. उनमें से 70% से अधिक अमेरिकी पेशेवरों जैसे फेसबुक, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट और भारतीय आईटी सेवा कंपनियों जैसे टीसीएस, विप्रो और इन्फोसिस द्वारा काम पर रखे गए भारतीय पेशेवरों के पास जाते हैं.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.