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COVID-19 : वैक्सीन की दोनों डोज़ ले चुके लोगों में कोरोना से मौत का खतरा 11 गुना कम- अमेरिकी अधिकारी

कोविड-19 के कारण मौत से बड़ी सुरक्षा देती है वैक्सीन. (फाइल फोटो: Shutterstock)

कोविड-19 के कारण मौत से बड़ी सुरक्षा देती है वैक्सीन. (फाइल फोटो: Shutterstock)

Vaccination Update: स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि पूरी तरह टीकाकरण करा चुके लोगों को अस्पताल में भर्ती (Hospitalization) होने की संभावना 10 गुना तक कम हो जाती है, जबकि मौत से बचाव में यह आंकड़ा 11 फीसदी है.

  • News18Hindi
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    वॉशिंगटन. टीककारण को लेकर अच्छी खबर है. अमेरिकी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) के आम बन जाने के बाद भी पूरी तरह टीकाकरण करा चुके लोगों की मौत का खतरा 11 गुना कम ही रहता है. इसके अलावा वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) कोविड का शिकार हुए मरीज को अस्पताल में भर्ती होने से बचाने में भी मदद करती है. हाल ही में राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने देश में ‘एक्शन प्लान’ का ऐलान किया था, जिसके तहत टीकाकरण को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए थे.

    अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि पूरी तरह टीकाकरण करा चुके लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 10 गुना तक कम हो जाती है, जबकि, मौत से बचाव में यह आंकड़ा 11 फीसदी है. हाल ही में सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की तरफ से तीन नए पेपर जारी किए गए थे. इनमें से एक पेपर में यह जानकारी मिली है. एक स्टडी का डेटा बताता है कि डेल्टा वेरिएंट के सामने आने के बाद मॉडर्ना की वैक्सीन ने अन्य से थोड़ी ज्यादा सुरक्षा दी है.

    सीडीसी की निदेशक रॉशेल वॉलेंस्की ने कहा, ‘जैसा कि हमने अध्ययन में दिखाया है कि टीकाकरण काम करता है.’ पहली स्टडी में अमेरिका के 13 क्षेत्रों में 4 अप्रैल से 19 जून के बीच लाखों लोगों की जांच की गई. यह वह समय था जब डेल्टा ज्यादा प्रभावी नहीं था. इस डेटा की तुलना 20 जून से 17 जुलाई के बीच के डेटा से की गई. इस दौरान टीकाकरण करा चुके व्यक्ति के कोविड संक्रमण की संभावनाएं थोड़ी बढ़ गई थीं.

    फिलहाल, सीडीसी और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन बूस्टर शॉट की जरूरत का आकलन कर रहे हैं. संभावना जताई जा रही है कि इस महीने शुरू होने वाले नए वैक्सीन अभियान में सबसे पहले बुजुर्गों को डोज दिया जाएगा. जून-अगस्त के बीच 400 से ज्यादा अस्पतालों में हुई एक स्टडी में वैक्सीन की प्रभावकारिता का आकलन किया गया. इस स्टडी में वैक्सीन के ब्रांड पर जोर दिया गया था.

    पता चला कि अस्पताल में भर्ती होने के खिलाफ मॉडर्ना की प्रभावकारिता 95 फीसदी पर थी. जबकि, फाइजर के मामले में यह आंकड़ा 80 प्रतिशत और जॉनसन एंड जॉनसन में 60 प्रतिशत पर था. अस्पताल में भर्ती होने के खिलाफ सभी आयुवर्गों में कुल प्रभावकारिता 86 फीसदी थी, लेकिन 75 साल से ज्यादा उम्र वालों में यह आंकड़ा कम होकर 76 प्रतिशत पर आ गया था.

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