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मुस्लिमों का खलीफा बनने के चक्कर में तुर्की के बुरे दिन शुरू, US भी लगाएगा कड़े प्रतिबंध

तुर्की पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाएगा अमेरिका (फ़ाइल फोटो)
तुर्की पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाएगा अमेरिका (फ़ाइल फोटो)

Russian S-400 Missiles: रूस से एस-400 डिफेंस सिस्टम खरीदने को लेकर अमेरिका ने तुर्की पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाने का ऐलान कर दिया है. बता दें कि कोरोना महामारी के चलते तुर्की की अर्थव्यवस्था बुरे दौर से गुजर रही है और उसकी मुद्रा लीरा के दाम अब तक के सबसे न्यूनतम स्तर पर हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 11, 2020, 3:52 PM IST
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इस्तांबुल. मुस्लिम देशों का नया खलीफा बनने का सपना तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोगन (Turkish President Recep Tayyip Erdogan) के लिए काफी नुकसानदेह साबित होता नज़र आ रहा है. यूरोपीय यूनियन के बाद अब अमेरिका (US) ने ऐलान किया है कि वह तुर्की के खिलाफ जल्द ही कड़े प्रतिबंध लगाने जा रहा है. कोरोना महामारी (Coronavirus) के चलते तुर्की की अर्थव्यवस्था बुरे दौर से गुजर रही है और उसकी मुद्रा लीरा के दाम अब तक के सबसे न्यूनतम स्तर पर हैं. ऐसे में अमेरिका के आर्थिक प्रतिबंधों के बाद तुर्की के हालात बिगड़ना तय माना जा रहा है.

बता दें कि फ्रांस के साथ तनाव बढ़ाने के अलावा अमेरिका तुर्की के रूस से एस-400 डिफेंस सिस्टम खरीदने पर भी नाराज़ है. अमेरिका के मुताबिक रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को खरीदकर तुर्की ने नियमों को तोड़ा है और अब उसके ऊपर आर्थिक प्रतिबंध लगाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है. तुर्की के प्रेसिडेंसी ऑफ डिफेंस इंडस्ट्री और उसके प्रमुख इस्माइल डेमीर पर प्रतिबंध लगाने का भी ऐलान किया गया है. इस संस्था के जरिए ही तुर्की हथियारों की खरीद-फरोख्त और उसके विकास के कामों की निगरानी करता है. अमेरिका के इन प्रतिबंधों से तुर्की के डिफेंस इंडस्ट्री को भारी नुकसान होने वाला है.

नाटो का सदस्य है तुर्की
बता दें कि तुर्की भी नाटो देशों का सदस्य है और रूस से विमान-रोधी प्रणाली खरीदने से पहले उसने संगठन के अन्य देशों से कोई चर्चा नहीं की थी. अमेरिका ने तुर्की को अपने एफ-35 लड़ाकू विमान कार्यक्रम से भी बाहर कर दिया है. अमेरिका ने कहा था कि एस-400 प्रणाली स्टील्थ लड़ाकू विमानों के लिए खतरा है और इसका नाटो की प्रणाली के साथ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. उधर तुर्की ने कहा था कि उसने अमेरिका के यूएस पैट्रियोट प्रणाली बेचने से इनकार करने के बाद रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदी थी.



खबर है कि तुर्की की सेना ने रूस के एस-400 डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया है, फ्रांस और ग्रीस उनके निशाने पर है. टर्किश फोर्स इस रूसी डिफेंस सिस्टम के रडार का उपयोग एफ-16 फाइटर जेट का पता लगाने के लिए कर रही है. इस रडार के जरिए वह नाटो के यूनुमिया मिलिट्री एक्सरसाइड में शामिल फ्रांस, इटली, ग्रीस और साइप्रस के एफ-16 जहाजों को ट्रैक करने की भी कोशिश कर रहा है. खुद तुर्की के पास भी फ-16 फाइटर जेट हैं. अपनी जरूरत के हिसाब से कुछ बदलाव कर इसे एफ-16एस का नाम दिया है. माना जा रहा है कि अगर एस-400 डिफेंस सिस्टम ने अमेरिका के एफ-16 फाइटर जेट को मार गिराया तो साबित हो जाएगा कि रूस के हथियार ज्यादा बेहतर हैं और अमेरिका की डिफेंस इंडस्ट्री को भारी नुकसान हो सकता है.
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