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डोनाल्ड ट्रंप की डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी का दावा झूठा, टाइम मैगजीन कवर निकला फर्जी


Updated: November 14, 2019, 10:21 AM IST
डोनाल्ड ट्रंप की डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी का दावा झूठा, टाइम मैगजीन कवर निकला फर्जी
Mina-Chang Time Magazine Special Edition Cover Page

इससे पहले चांग एक स्वयं सेवी संस्था के लिए काम कर रही थी. मीना को अमेरिका (United States of America) के स्टेट डिपार्टमेंट (Department of State) में डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी (Deputy Assistant Secretary) की नौकरी मिल गई.

  • Last Updated: November 14, 2019, 10:21 AM IST
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वॉशिंगटन. विश्व प्रसिद्ध टाइम मैगजीन के विशेष संस्करण के कवर पेज (Time Magazine Special Edition Cover Page) पर छपी एक खूबसूरत महिला की तस्वीर. जिसके हेडलाइन है 'हम दुनिया बदलते हैं: डिजिटल युग के आधुनिक मानवतावादी'. टाइम मैगजीन (Time Magazine Cover page) के इसी कवर पेज के साथ मीना चांग (Mina Chang) अपने इंटरव्यू के लिए पहुंची थी. इससे पहले चांग एक स्वयं सेवी संस्था के लिए काम कर रही थी. मीना को अमेरिका (United States of America) के स्टेट डिपार्टमेंट (Department of State) में डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी (Deputy Assistant Secretary) की नौकरी मिल गई.

जनवरी 2017 में एक टीवी कार्यक्रम के दौरान इस्लामिक स्टेट और बोको हरम जैसे इस्लामी कट्टरपंथी संगठनों पर लगाम लगाने के उपायों पर चर्चा हो रही थी. तब भी मीना चांग की फोटो वाला टाइम मैगजीन का यही कवर पेज दर्शकों को दिखाया गया. तब चांग ने साक्षात्कार करने वाले से कहा कि शायद टाइम मैगजीन वालों को उनका काम पसंद आया होगा इसीलिए कवर पेज पर उनकी तस्वीर है. लेकिन मीना ने कहीं भी इस बात का खुलासा नहीं होने दिया कि यह फर्जी कवर पेज था.

अमेरिका के एनबीसी न्यूज़ चैनल की जांच में पता चला है कि नकली टाइम कवर पेज के अलावा मीना चांग ने अपने बायोडाटा में और भी ऐसी झूठी जानकारियां दी हैं. चांग ने दावा किया है कि उन्होंने हारवर्ड यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डिग्री हासिल की है. जबकि असलियत यह है कि हारवर्ड से चांग ने केवल दो महीने का एडवांस मैनेजमेन्ट प्रोग्राम किया था.


मीना चांग का मामला ट्रंप प्रशासन के लिए पहला नहीं है. इससे पहले भी वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के बाद व्हाइट हाउस के ड्रग पॉलिसी कार्यालय में काम करने वाले 24 वर्षीय टेलर वीनेथ को हटाना पड़ा था. वीनेथ की योग्यता पर भी संदेह था.
ऐसे ही इस साल अगस्त में एक मामले में राष्ट्रपति ट्रंप को खुफिया विभाग के निदेशक पद की रेस से अपना उम्मीदवार वापस लेना पड़ा था. ट्रंप के उम्मीदवार का नाम था जॉन रैचक्लिफ़. रैचक्लिफ का दावा था कि उन्होंने एक ही दिन में 300 से ज्यादा प्रवासी के रुप में अमेरिका में बसे घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है. अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने जब इस दावे की पड़ताल की तो यह झूठा निकला.
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उम्मीदवार की पूरी और सही जानकारी न होने पर ट्रंप को मीडिया की आलोचना झेलनी पड़ी. तब ट्रंप ने कहा कि उनके लिए मीडिया उम्मीदवार के परीक्षण का काम ठीक कर रहा है.

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First published: November 14, 2019, 10:20 AM IST
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