यूएस प्रेसिडेंशियल डिबेट: इस बार शांत नजर आए ट्रंप, बाइडेन ने कहा- यहां लोग कोरोनावायरस से मरना सीख रहे हैं

ट्रंप को कोरोना संक्रमण होने के कारण टाल दी गई थी दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट. (फोटो सौ. AP)
ट्रंप को कोरोना संक्रमण होने के कारण टाल दी गई थी दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट. (फोटो सौ. AP)

अमेरिकी चुनाव की सरगर्मी के बीच राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन दूसरी बार आमने-सामने आए. डिबेट का सबसे चर्चित मुद्दा कोरोना वायरस महामारी रही. जिसमें ट्रंप कोई खास मौजूदगी दर्ज नहीं करा पाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 23, 2020, 12:37 PM IST
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वॉशिंगटन. टेनेसी की बेलमॉन्ट यूनिवर्सिटी (Tennessee's Belmont University) में आमने-सामने आए वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार (Democratic Candidate) जो बाइडेन (Joe Biden) मतदाताओं को लुभाने की जद्दोजहद करते नजर आए. हालांकि, दोनों उम्मीदवारों की यह दूसरी डिबेट पहले से कुछ अलग नजर आई. एक ओर जहां आक्रामक रहने वाले ट्रंप शांत रहे, वहीं बाइडेन ने कोरोना मुद्दे का भरपूर फायदा उठाया. खास बात है कि पहले तय इस डिबेट (Debate) को ट्रंप के कोरोना संक्रमण के कारण टाल दिया गया था.

माना जा रहा है कि यह अमेरिकियों को अपनी तरफ आकर्षित करने का ट्रंप के पास शायद आखिरी मौका था. जबकि, बाइडेन इस डिबेट में अपनी चुनावी पकड़ को और मजबूत करने की कोशिश में थे. जानते हैं दोनों उम्मीदवारों के बीच हुई बहस की जरूरी बातें.

सबसे पसंदीदा मुद्दा: कोरोना वायरस महामारी
डिबेट का शुरुआती और सबसे चर्चित मुद्दा कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) रहा. जिसमें ट्रंप को अपना बचाव करने में मुश्किल हुई. पूरी डिबेट के दौरान ट्रंप से कोरोना को लेकर अलग-अलग सवाल किए गए, लेकिन उन्होंने कई सवालों का सटीक जवाब नहीं दिया. इसके अलावा भविष्य की तैयारी को लेकर जब उनसे सवाल किया गया, तो वह लगातार हालात संभालने के पुराने तरीकों की बात कहते रहे. उन्होंने हालात बेहतर होने का अनुमान लगाया.
इससे उलट बाइडेन इस मुद्दे पर पूरी तैयार के साथ आए थे. उन्होंने कहा, 'ऐसा व्यक्ति जो इतनी मौतों का जिम्मेदार है, उसे संयुक्त राष्ट्र अमेरिका का राष्ट्रपति नहीं बने रहना चाहिए.' उन्होंने कहा, 'वह कहते हैं हम इसके साथ जीना सीख रहे हैं, लेकिन लोग इसके साथ मरना सीख रहे हैं.'



अमेरिका का जाना-माना मुद्दा: हेल्थ केयर
अमेरिका में महामारी से पहले भी यह मुद्दा बेहद जरूरी माना जाता रहा है. दोनों उम्मीदवार इस बात को जानते थे और डिबेट के दौरान हेल्थकेयर मुद्दे पर खुद को रक्षक के तौर पर बताते हुए नजर आए. पूर्व राष्ट्रपति ओबामा के दौर की अफोर्डेबल हेल्थ केयर को नीचा दिखाने की ट्रंप की कोशिशें बाइडेन की वजह से पूरी नहीं हो सकीं.

इस बार शांत दिखे ट्रंप
पिछली बहस में ट्रंप लगातार आक्रामक रवैया अपनाए हुए थे और लगातार बीच में बोलते जा रहे थे. डिबेट में उनके ऐसे व्यवहार की काफी आलोचना भी हुई थी. हालांकि, इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति शांत नजर आए. इस बार वह डिबेट संभाल रहीं क्रिस्टन वैकर (Kristen Welker) से बाइडेन के सवालों का जवाब देने की इजाजत ले रहे थे.

ट्रंप ने बाइडेन के चुनावी अभियान में शामिल होने के बजाए घर में रहने को मुद्दे के तौर पर पेश किया. उन्होंने कहा, 'हम जो की तरह खुद को तहखाने में बंद नहीं कर सकते.' ट्रंप की इस बात का जवाब बाइडेन ने मुस्कुराकर दिया. बाइडेन ने ट्रंप का मजाक उड़ाते हुए ब्लीच से कोरोना वायरस को खत्म करने वाली बात का जिक्र किया. दोनों उम्मीदवारों के बीच एक-दूसरे के निजी फाइनेंस और पारिवारिक बिजनेस के हालातों को लेकर बहस का लंबा दौर चला.

ट्रंप का पुराना अंदाज: विरोधी पर निजी हमले
इस बहस के दौरान भी ट्रंप ने विरोधियों पर निजी जुबानी हमला करने का पुराना तरीका इस्तेमाल किया. वर्तमान राष्ट्रपति लगातार बाइडेन और उनके परिवार पर पर भ्रष्टाचार के आधारहीन आरोप लगाते गए. ट्रंप ने कहा, 'मैं चीन से पैसा नहीं बनाता, तुम बनाते हो. मैं यूक्रेन से पैसा नहीं बनाता, तुम बनाते हो.' ट्रंप इन आरोपों को लेकर कोई भी पुख्ता सबूत पेश नहीं कर सके.

हालांकि, बाइडेन ने मुद्दा बदलने की कोशिश की, लेकिन इस पर ट्रंप ने उनका मजाक उड़ाते हुए उन्हें एक सामान्य नेता बताया. बहस के दौरान दोनों नेता इस बात को साबित करने में लगे रहे कि वे क्यों पद पर रहते हुए कामों को उम्मीद के अनुसार पूरा नहीं कर पाए. इसके लिए वे पुराने अंदाज में कांग्रेस पर ही आरोप लगाते दिखे .

दोनों श्वेत उम्मीदवार के सामने अश्वेतों का मुद्दा
हाल ही में अमेरिका में यह मुद्दा फिर गर्माया था. डिबेट का संचालन कर रहीं वैकर ने दोनों उम्मीदवारों को सीधे अश्वेत अमेरिकी नागरिकों से बात करने का मौका दिया. जिसमें दोनों ने कहा कि जिस तरह की चुनौतियों का सामना अश्वेत करते हैं, वे उसे समझते हैं. इस मुद्दे पर बात करते हुए भी ट्रंप और बाइडेन एक दूसरे पर जुबानी हमले करते रहे.

ट्रंप ने बाइडेन पर अश्वेत लोगों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया. खासतौर से युवा अश्वेत पुरुषों का. ट्रंप ने खुद को सबसे कम नस्लवादी घोषित किया और इस दावे को दोहराते रहे, 'मैंने जो अश्वेत अमेरिकी नागरिकों के लिए किया है, वह किसी ने नहीं किया.' उन्होंने इस तथ्य से अब्राहम लिंकन को अलग रखा.

इसके विरोध में बाइडेन ने ट्रंप को नस्लवादी बताया और कहा, 'वह हर नस्लवादी आग में तेल डालते हैं.' पोल बताते हैं कि कई अश्वेत युवा वोटर ट्रंप का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि उन्हें बाइडेन पसंद है.

मौसम: बाइडेन ने दुनिया को चेताया, ट्रंप ने उपल्बधियों को गिनाया
ग्लोबल क्लाइमेट चेंज पर बात करते हुए बाइडेन ने दुनिया को खराब मौसम की चेतावनी दी. जबकि, ट्रंप ने अमेरिका को बड़े अंतरराष्ट्रीय समझौते से बाहर निकालने का क्रेडिट लिया. ट्रंप ने साफ हवा और पानी का श्रेय लेते हुए इस बात पर जोर दिया कि वे अमेरिका के लोगों की नौकरियां बचाने की कोशिश कर रहे थे.

बाइडेन ने कहा, 'हमारा स्वास्थ्य और नौकरियां दांव पर लगी हैं.' उन्होंने बहस के दौरान नई पर्यावरण के लिहाज से बेहतर इंडस्ट्रीज शुरू करने के लिए बड़े निवेश की अपील की. इस दौरान उन्होंने तेल उद्योग का मामला भी उठाया, जिसे ट्रंप ने जब्त कर रखा है. उन्होंने टेक्सास और पैन्सिलवेनिया के वोटरों से सवाल किया कि क्या वे सुन रहे हैं.

विदेश नीति: दूसरे देशों के साथ अपने रिश्तों का बचाव कर रहे थे ट्रंप
आखिर में बाइडेन को विदेश नीति पर बोलने का बहुत की कम मौका मिला. बाइडेन को यह मुद्दा काफी पसंद है, लेकिन इस आम चुनाव में सबसे बड़े मुद्दे महामारी और राष्ट्रीय संकट है. विदेश नीति पर बात करते हुए बाइडेन ने ट्रंप के नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जॉन्ग उन से रिश्तों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, 'इनका दोस्त, जो कि एक ठग है.' इस बात पर ट्रंप ने किम के साथ अपने संबंधों का बचाव किया.
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