US Results 2020: जो बाइडन बन सकते हैं राष्ट्रपति, भारत की टेंशन बढ़ा चुके हैं उनके यह बयान

जो बाइ़डेन और कमला हैरिस की फाइल फोटो (CNBC TV18)
जो बाइ़डेन और कमला हैरिस की फाइल फोटो (CNBC TV18)

आइए हम आपको डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडन (Joe Biden) और उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस (Kamala Harris) के उन बयानों के बारे में बताते हैं जो उन्होंने भारत के खिलाफ दिए थे. जानते हैं उन मुद्दों के बारे में जिन पर उन्होंने टिप्पणी की थी.

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  • Last Updated: November 5, 2020, 2:55 PM IST
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वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Results 2020) के परिणाम अभी तक आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुए हैं हालांकि डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडन (Joe Biden) और उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस (Kamala Harris) के जीतने की संभावना है. समाचार लिखे जाने तक CNN नेटवर्क के अनुसार बाइडन को 253 वोट और रिपब्लिकन उम्मीदवार और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump)को 214 वोट मिले हुए हैं. कई अहम राज्यों में अभी गिनती जारी है. इस बीच पूरी संभावना है कि अमेरिका के अगले राष्ट्रपति बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस हो सकती है.

अमेरिका में सरकार बदलने के बीच भारत के राजनीतिक और राजनयिक हलकों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि अब भारत से उसके द्विपक्षीय रिश्ते कैसे होंगे. पूर्व में बाइडन और हैरिस के कई बयानों ने इस ओर इशारा किया है कि वह भारत की कई नीतियों के खिलाफ हैं.

आइए हम आपको बाइडन और हैरिस के उन बयानों के बारे में बताते हैं जो उन्हें भारत के खिलाफ दिए थे. जानते हैं उन मुद्दों के बारे में जिन पर उन्होंने टिप्पणी की थी.



CAA और कश्मीर से 370 हटाने पर क्या है राय?
भारत के दो अहम फैसलों नागरिकता कानून और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए हटाने पर बाइडन नाराजगी जाहिर कर चुके हैं. जो बाइडन के कैंपेन वेबसाइट पर प्रकाशित 'मुस्लिम अमेरिकी समुदाय के लिए एजेंडा' शीर्षक से प्रकाशित पॉलिसी पेपर में कहा गया है कि नागरिकता (संशोधन कानून) और एनआरसी जैसे कदम भारतीय लोकतंत्र की बहुसंस्कृतिवाद और धर्मनिरपेक्षता की लंबी परंपरा के खिलाफ हैं. कश्मीर में भारत सरकार को कश्मीरियों के अधिकारों को लौटाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने चाहिए. असंतोष को दबाने, विरोध-प्रदर्शन करने से रोकने या इंटरनेट बंद करने से लोकतंत्र कमजोर होता है.

उप-राष्ट्रपति रहते हुए पाकिस्तान को दिए अरबों रुपये
ओबमा एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान उप-राष्ट्रपति थे. इस दौरान बाइडन ने पाकिस्तान को अरबों रुपये की मदद दी थी. माना जा रहा है कि अगर बाइडन राष्ट्रपति बनते हैं तो कश्मीर के मुद्दे वह अपने रुख पर और सख्त हो सकते हैं. साल 2008 में हिलाल-ए-पाकिस्तान से नवाजे जा चुके बाइडन ने सैन्य मदद के नाम पर अरबों रुपये पाकिस्तान को दिलाए थे.

कश्मीर पर हैरिस ने क्या कहा था?
उपराष्ट्रपति पद की दावेदार कमला हैरिस जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पहले भी ऐसे बयान दे चुकी हैं जो भारत के पक्ष में नहीं है. उन्होंने 370 हटाने के बाद कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो हस्तक्षेप करेंगे. हैरिस यही नहीं रुकी. उन्होंने कहा था कि वे लोग खुद को अकेले ना समझे. हम देख रहे हैं.

CAA पर भी हैरिस का नजरिया भारत के खिलाफ
हैरिस ने नागरिकता कानून पर भी भारत के खिलाफ बयान दिया था. उन्होंने अमेरिकी संसद में साल 2019 में एक प्रस्ताव पेश किया था. जिसके बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सीनेटर प्रमिला से मिलने से मना कर दिया था. फिर हैरिस ने प्रमिला के समर्थन में ट्वीट भी किया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कोई भी जीते रिश्तों पर नहीं पड़ेगा असर : विदेश सचिव
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बुधवार को कहा कि भारत-अमेरिका का संबंध इतना प्रगाढ़ है कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में कोई भी जीते इससे संबंधों पर असर नहीं पड़ेगा.

श्रृंगला ने कहा, ‘जहां तक अमेरिका की बात है हमारे संबंध बहुत प्रगाढ़ है. हमारे ऐसे रिश्ते हैं जिसे हम समग्र वैश्विक रणनीतिक भागीदारी कहते हैं. दोनों देशों के बीच आपसी हितों वाले कई क्षेत्रों में सहयोग है. भारत को अमेरिका का लगातार समर्थन मिलता रहा है चाहे वहां किसी भी पार्टी का शासन हो. हमें उम्मीद है आगे भी ऐसा ही होगा.’ यूरोप के तीन देशों के दौरे के दौरान अंतिम चरण में विदेश सचिव श्रृंगला लंदन में हैं.
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