अमेरिकी राष्ट्रपति की वेबवाइट Hacked, हैकरों ने कहा- ट्रंप की फेक खबरें अब बंद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप. फोटो: AP
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप. फोटो: AP

US ELECTION 2020: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) की चुनावी अभियान की वेबसाइट (Trump Website Hacked) को राष्ट्रपति चुनावों से ठीक एक सप्ताह पहले मंगलवार को हैक कर लिया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 11:29 PM IST
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वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) की चुनावी अभियान की वेबसाइट (Trump Website Hacked) को राष्ट्रपति चुनावों (US Election 2020) से ठीक एक सप्ताह पहले मंगलवार को हैक कर लिया गया. ट्रम्प अभियान के प्रवक्ता टिम मर्टा ने एक बयान में कहा कि वेबसाइट हैक हो गई थी. उन्होंने कहा कि हम इस हमले के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. टिम मर्टा ने वेबसाइट के संवेदनशील डेटा के बारे में बताया कि वेबसाइट पर किसी तरह का संवेदनशील डाटा स्टोर नहीं था इसलिए उसके बाहर आने का कोई जोखिम नहीं है. फिलहाल वेबसाइट को बहाल कर दिया गया है.

आधे घंटे से भी कम समय में कर दिया गया बहाल

द न्यू यॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रम्प की अभियान वेबसाइट को हैकर्स ने बहुत कम समय के लिए हैक किया था. वेबसाइट की यह हैकिंग 30 मिनट से कम समय तक चली. हैकर्स ने क्रिप्टोकरंसी की मांग की थी. चुनावों में एक सप्ताह से भी कम समय शेष रहने के कारण इस चूक को बड़ी भूल माना जा रहा है. इस हैकिंग ने चुनाव अभियानों के बीच साइबर सुरक्षा जोखिमों को जनता के सामने उजागर कर दिया है और चुनावी मौसम में ट्रम्प के लिए एक नई मुसीबत भी खड़ी कर दी है. ट्रम्प ने पिछले हफ्ते एरिजोना में एक अभियान रैली में हैकिंग का मजाक उड़ाते हुए कहा था कि कुछ भी हैक नहीं होता. हैक करने के लिए आपको 197 I.Q वाले किसी व्यक्ति की जरुरत पड़ती है और उसे आपके पासवर्ड की लगभग 15 प्रतिशत की जानकारी होनी चाहिए.



हैकर ने उड़ाया मजाक
हैकर ने ट्रम्प की वेबसाइट 'donaldjtrump.com' पर लिखा कि यह साइट सीज कर ली गई है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रोज फैलाई जा रही फेक खबरें न्यूज दुनिया ने बहुत देख ली और अब समय आ गया है कि दुनिया सच जाने. हैकर ने यह भी लिखा कि वेबसाइट की कई महत्वपूर्ण डिवाइस तक सेंध लगाने में सफल रहा है जिनसे कई क्लासिफाइड सूचनाओं के साथ साथ राष्ट्रपति और उनके रिश्तेदारों की आंतरिक और गुप्त बातचीत भी उसके हाथ लग गई है. हैकर ने लिखा हमारे पास पूरे सबूत हैं जो राष्ट्रपति ट्रंप को एक राष्ट्रपति के तौर पर उनकी साख गिराते हैं.

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न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि खुफिया एजेंसियां हैकिंग ग्रुप्स पर कड़ी रखे हुए हैं, जिनमें ईरान और रूस की टीमें भी शामिल हैं. इन्होंने चुनाव-संबंधित सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश की है और जो हाल के हफ्तों में इन्फ्लुएंस ऑपरेशन में भी शामिल रहे थे. पिछले हफ्ते राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने ईरान और रूस को दुष्प्रचार या भ्रामक प्रचार के साथ मतदाता पंजीकरण डेटाबेस में भी घुसपैठ का जिम्मेदार माना है.
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