अब जॉनसन&जॉनसन की वैक्सीन से ब्लड क्लॉटिंग की खबरें, अमेरिका ने रोका वैक्सीनेशन

अमेरिका में इस वैक्सीन के जरिए वैक्सीनेशन फिलहाल रोक दिया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

अमेरिका में इस वैक्सीन के जरिए वैक्सीनेशन फिलहाल रोक दिया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने कहा है कि वो इसे लेकर जांच करवा रहा है. जॉनसन&जॉनसन की वैक्सीन (Johnson & Johnson COVID-19 vaccine) का सिर्फ एक डोज ही दिया जाता है. CDC ने कहा है कि वैक्सीनेशन के बाद देश में 6 महिलाओं को ब्लड क्लॉटिंग होने की खबरें सामने आई हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 13, 2021, 6:29 PM IST
  • Share this:
वाशिंगटन. अमेरिकी फार्मा कंपनी जॉनसन&जॉनसन की वैक्सीन (Johnson & Johnson COVID-19 vaccine) से ब्लड क्लॉटिंग की खबरें सामने आई हैं. ऐसी खबरें प्रकाश में आने के बाद इस वैक्सीन के जरिए वैक्सीनेशन पर तात्कालिक रोक लगा दी गई है. अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने कहा है कि वो इसे लेकर जांच करवा रहा है. गौरतलब है कि जॉनसन&जॉनसन की वैक्सीन का सिर्फ एक डोज ही दिया जाता है. CDC ने कहा है कि वैक्सीनेशन के बाद देश में 6 महिलाओं को ब्लड क्लॉटिंग होने की खबरें सामने आई हैं.

बता दें जॉनसन&जॉनसन वैक्सीन के जरिए अब तक अमेरिका में करीब 68 लाख लोगों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है. ज्यादातर मामलों में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं सामने आई है. हालांकि ब्लड क्लॉटिंग के जो मामले सामने आए हैं उन्हें 'खतरनाक' श्रेणी में रखा गया है. CDC की प्रिंसिपल डिप्टी डायरेक्टर Dr. Anne Schuchat ने कहा है कि जब तक मामले की जांच नहीं हो जाएगी तब तक हमने वैक्सीनेशन पर तात्कालिक रोक लगा दी है. इससे पहले यह भी खबर आई है कि जॉनसन&जॉनसन की वैक्सीन का भारत में भी जल्द ही ट्रायल शुरू किया जा सकता है.

एस्ट्राजेनेका वैक्सीन और रेयर ब्लड क्लॉटिंग लिंक

बता दें कि यूरोपीय औषधि नियामक संस्था ने हाल ही में कहा कि उसे ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन और रेयर ब्लड क्लॉटिंग के बीच में लिंक मिला है. हालांकि संस्था की तरफ से यह भी कहा गया है कि वैक्सीन से फायदा इतना ज्यादा है कि रेयर ब्लड क्लॉटिंग की घटनाओं की उपेक्षा भी की जा सकती है. यूरोपीय यूनियन की इस संस्था ने वैक्सीन पर किसी भी तरह के प्रतिबंध से इनकार किया. लेकिन इसके बावजूद ब्लड क्लॉटिंग के साथ लिंक की खबर ने उन करोड़ों लोगों में चिंता पैदा कर दी, जिन्होंने कम से कम वैक्सीन एक डोज भी लिया है.
कई देशों में लगा झटका

अमेरिकी दवा कंपनियां मॉडर्ना और Pfizer की वैक्सीन के मुकाबले रखरखाव में आसान होने की वजह से एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को दुनियाभर में प्राथमिकता दी जा रही थी. हालांकि Pfizer की वैक्सीन के 95 प्रतिशत एफिकेसी रेट के समक्ष एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का एफिकेसी रेट 79 फीसदी ही हैं. ब्लड क्लॉटिंग की खबरों के बाद कई यूरोपीय देशों में इस वैक्सीन से वैक्सीनेशन रोकने की खबरें आई थीं. दक्षिण कोरिया और फिलिपींस ने भी अपने यहां एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का वैक्सीनेशन रोक दिया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज