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सऊदी अरब के वार्षिक सम्मेलन में अमेरिका ने शीर्ष प्रतिनिधि को भेजा, पीएम मोदी और इमरान भी होंगे शामिल

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Updated: October 24, 2019, 11:28 AM IST
सऊदी अरब के वार्षिक सम्मेलन में अमेरिका ने शीर्ष प्रतिनिधि को भेजा, पीएम मोदी और इमरान भी होंगे शामिल
सऊदी अरब के वार्षिक वित्तीय सम्मेलन में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्टीवन म्नुचिन

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्टीवन म्नुचिन (Treasury Secretary Steven Mnuchin) और राष्ट्रपति के सलाहकार जेरेड कुशनर (Jared Kushner) ने मंगलवार को सऊदी अरब के वार्षिक वित्तीय सम्मेलन में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया.

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  • Last Updated: October 24, 2019, 11:28 AM IST
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वाशिंगटन. सऊदी अरब (Saudi Arabia) के वार्षिक वित्तीय सम्मेलन में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्टीवन म्नुचिन (Treasury Secretary Steven Mnuchin) और राष्ट्रपति के सलाहकार जेरेड कुशनर (Jared Kushner) ने मंगलवार को सऊदी अरब के वार्षिक वित्तीय सम्मेलन में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया. अमेरिका ने पिछले साल पत्रकार जमाल खमोशी (Jamal Khashoggi) की हत्या के विरोध में इस कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया था.

सऊदी रिपोर्टर खशोगी का 2 अक्टूबर, 2018 को इस्तांबुल में राज्य के वाणिज्य दूतावास में गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी. दर्जनों शीर्ष वैश्विक अधिकारियों और व्यापारिक नेताओं ने पिछले साल के फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव (एफआईआई) का बहिष्कार किया था. खशोगी की हत्या को लेकर अंतरराष्ट्रीय नाराजगी थी.

न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि इस बार संयुक्त राज्य अमेरिका, पेट्रो-राज्य का एक प्रमुख सहयोगी, इस साल के संस्करण में शीर्ष स्तर के प्रतिनिधिमंडल को भेज रहा है. जिसका नेतृत्व ट्रेजरी विभाग करेगा. अखबार ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद और ब्रायन एच हुक, ईरान के लिए विशेष प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.

वाशिंगटन पोस्ट ने कहा कि गोल्डमैन सैक्स, जेपी मॉर्गन चेस और सिटीग्रुप सहित वैश्विक फर्म इस साल के आयोजन में शीर्ष अधिकारियों को भेजने की योजना बना रहे हैं. रिपोर्टों के अनुसार भारत और पाकिस्तान के नेता, नरेंद्र मोदी और इमरान खान भी भाग लेंगे.

संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपरोर्ट एग्नेस कैलमार्ड (Rapporteur Agnes Callamard) की एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस हत्या के लिए "विश्वसनीय साक्ष्य" थे और इसे कवर करने का प्रयास किया गया था. खशोगी की हत्या को लेकर रियाद में ग्यारह संदिग्धों को पकड़ा गया था लेकिन बंद दरवाजों के पीछे सुनवाई होती है और बचाव पक्ष के नाम भी जारी नहीं किए गए थे. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने रियाद में मुकदमे को "दिखावा" और "न्याय का उपहास" कहा था.

अगले हफ्ते से शुरू होने वाले इस सम्मेलन का उद्देश्य विदेशी निवेशकों को रियाद की तेल-आधारित अर्थव्यवस्था में विविधता लाने में मदद करना है.

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First published: October 24, 2019, 11:28 AM IST
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