भारत से बोला US- रूस पर लगे बैन को करेंगे लचीला, पर सोच समझकर करें आर्म्स डील

भारत ने हाल ही मे रूस के साथ 'ट्रिम्फ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम' S-400 की खरीद के लिए रूस से बातचीत की ताकि अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के प्रभाव को कम किया जा सके

News18India.com
Updated: May 29, 2018, 8:07 AM IST
भारत से बोला US- रूस पर लगे बैन को करेंगे लचीला, पर सोच समझकर करें आर्म्स डील
भारत ने हाल ही मे रूस के साथ 'ट्रिम्फ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम' S-400 की खरीद के लिए रूस से बातचीत की ताकि अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के प्रभाव को कम किया जा सके
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Updated: May 29, 2018, 8:07 AM IST
अमेरिका ने सोमवार को कहा कि वो भारत व अन्य देशों के रूस से हथियार खरीदने को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों को थोड़ा लचीला करने पर विचार कर रहा है. लेकिन इसी के साथ भारत और रूस के बीच S-400 की 40,000 करोड़ की खरीद को लेकर कड़े शब्दों में अपनी राय भी दे डाली.

कांग्रेस के सदस्य व 'हाउस आर्म्ड सर्विसेज़ कमेटी' के चेयरमैन मैक थॉर्नबेरी ने कहा कि कांग्रेस और प्रशासन दोनों को इस बात की चिंता है कि ये डील हमारी 'इंटर-ऑपरेबिलिटी' की क्षमता को और जटिल बना सकता है.

भारत ने हाल ही में अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के प्रभाव को कम करने के लिए रूस के साथ 'ट्रिम्फ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम' S-400 की खरीद की डील पर बात की.

यूएस कांग्रेस के सद्स्य ने कहा कि हमने महसूस किया कि  'काउंटरिंग अमेरकाज़ एडवरसरीज़ थ्रू सैंक्शन एक्ट' (CATSA) बहुत ज्यादा लचीला नहीं है. इसीलिए पिछले हफ्ते हाउस में 'नेशनल डिफेंस ऑथराइज़ेशन बिल, 2019' पास किया गया है. यह कानून ज़्यादा लचीला है.

दरअसल CATSA कानून अमेरिका को इस बात का अधिकार देता है कि अगर कोई देश या संस्था रूस, ईरान या उत्तर कोरिया के साथ रक्षा या इंटेलीजेंस सेक्टर में कोई भी लेन-देन या खरीद करता है तो अमेरिका उसे दंडित कर सकता है. यह कानून भारत को खासतौर पर प्रभावित करता है क्योंकि भारत अपनी रक्षा खरीद के लिए काफी हद तक रूस पर निर्भर है.

लेकिन भारत और रूस के बीच ये डील अमेरिका से होने वाले 'प्रिडेटर ड्रोन' की खरीद को लेकर रुकावट बन सकती है. 'प्रिडेटर ड्रोन' का प्रयोग नियंत्रण रेखा पर आतंकियों के लांच पैड पर हमले के लिए किया जा सकता है.

थॉर्नबेरी ने कहा कि सिर्फ भारत की बात नहीं है, CATSA से दूसरे देश भी प्रभावित हो रहे हैं. इसलिए नया लाया गया बिल इस बात को प्रावधान करता है कि अगर कोई देश रूसी उपकरणों पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहता है तो यूएस डिफेंस सेक्रेटरी अपने विवेकाधिकार का प्रयोग करके उन देशों को कुछ राहत दे सकते हैं.

आगे उन्होंने कहा, "हमनें भारत सरकार के कुछ अधिकारियों से मुलाकात की. इन अधिकारियों का मानना है कि इस नये बिल की भाषा में कुछ सुधार किया जा सकता है. मैं न सिर्फ भारत बल्कि इससे प्रभावित होने वाले हर देश के सुझावों को जानना चाहता हूं."

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