स्वीडन में भी दहशत, एस्ट्राजेनेका की वैक्‍सीन का उपयोग बंद

स्वीडन ने भी देश में एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोविड-19 टीके का उपयोग बंद कर दिया है.

स्वीडन ने भी देश में एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोविड-19 टीके का उपयोग बंद कर दिया है.

यूरोपीय देशों में एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) द्वारा विकसित कोविड-19 टीके (Vaccine) का उपयोग बंद किया जा रहा है. इस वैक्‍सीन के कारण कुछ लोगों में खतरनाक तरीके से खून का थक्‍का जमने की शिकायतें मिली हैं. हालांकि कंपनी का दावा इससे कहीं उलट है, कंपनी का कहना है कि उसने ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन में एक करोड़ सत्तर लाख लोगों के सेफ्टी डेटा का रिव्यू किया है. सेफ्टी डेटा रिव्यू में खून के थक्के जमने जैसे कोई सबूत सामने नहीं आए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 16, 2021, 6:28 PM IST
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बर्लिन. यूरोपीय देश स्वीडन ने भी मंगलवार से देश में एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) द्वारा विकसित कोविड-19 टीके (Vaccine) का उपयोग बंद कर दिया है. टीका लगवाने वाले कुछ लोगों में खतरनाक तरीके से खून का थक्का जमने की शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया है. हालांकि, कंपनी और अंतरराष्ट्रीय नियामक लगातार कह रहे हैं कि टीका सुरक्षित है और दुनिया में कई अन्य देश इसी टीके के साथ टीकाकरण अभियान जारी रखे हुए हैं.

स्वीडिश पब्लिक हेल्थ एजेंसी ने टीके के उपयोग को यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी की जांच पूरी होने तक बंद कर दिया है. स्वीडन के मुख्य महामारी विशेषज्ञ एंड्रेस ग्नेल द्वारा जारी बयान के अनुसार, ‘‘यह फैसला एहतियाती कदम के रूप में लिया गया है.’’ स्वीडन के अलावा जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन ने सोमवार को टीके के उपयोग को रोक दिया. जर्मनी का कहना है कि वह मेडिसिन एजेंसी की बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक का इंतजार कर रहा है.

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कई देशों में लगी एस्‍ट्राजेनेका वैक्‍सीन पर रोक
डेनमार्क और ऑस्ट्रिया में मिली शिकायत के बाद बुल्‍गारिया, लातविया, लक्जमबर्ग, एस्‍टोनिया, लिथुआनिया, रोमानिया और गैर-यूरोपीय संघ (ईयू) के देश नॉर्वे और आइसलैंड ने भी एस्‍ट्राजेनेका वैक्‍सीन पर रोक लगा दी है.

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एक करोड़ सत्तर लाख लोगों के सेफ्टी डेटा का रिव्यू किया
वैक्‍सीन कंपनी ने कहा है कि जिन लोगों को वैक्सीन दी गई थी, उन लोगों के सेफ्टी डेटा रिव्यू में वैक्सीन से खून के थक्के बनने के खतरे का कोई सबूत नहीं मिला है. वैक्‍सीन से ब्लड क्लॉटिंग की शिकायत के बाद कंपनी ने ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन में एक करोड़ सत्तर लाख लोगों के सेफ्टी डेटा का रिव्यू किया है. कंपनी ने दावा किया है कि ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन में कोरोना वैक्‍सीन को लेकर किए गए सेफ्टी डेटा रिव्यू में खून के थक्के जमने जैसे कोई सबूत सामने नहीं आए हैं.

भारत भी करेगा कोविशील्ड वैक्‍सीन की समीक्षा
फार्मा कंपनी एस्ट्रेजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई कोरोना वैक्सीन को लेकर यूरोप में कुछ गंभीर साइड इफेक्ट्स को देखते हुए भारत भी अब इस वैक्सीन की समीक्षा करेगा. ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेजेनेका के इस प्रोजेक्ट में भारत की फार्मा कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी पार्टनर रही है. सीरम इंस्टीट्यूट इस वैक्सीन को कोविशील्ड के नाम से बेच रहा है.
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