अपना शहर चुनें

States

मॉडर्ना का दावा- ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नए प्रकार पर भी काम करेगी वैक्‍सीन

अमेरिकी कंपनी की वैक्सीन मॉडर्ना ने कहा कि उसके कोविड -19 वैक्सीन की 100 माइक्रोग्राम की दो-खुराके प्रभावशाली हैं और वे आज तक ज्ञात स्‍ट्रेन्‍स से बचाव कर सकती है. (सांकेतिक तस्वीर)
अमेरिकी कंपनी की वैक्सीन मॉडर्ना ने कहा कि उसके कोविड -19 वैक्सीन की 100 माइक्रोग्राम की दो-खुराके प्रभावशाली हैं और वे आज तक ज्ञात स्‍ट्रेन्‍स से बचाव कर सकती है. (सांकेतिक तस्वीर)

Covid-19 Vaccine: अमेरिकी बायोटेक्नोलॉजी फर्म मॉडर्ना ने कहा है कि उसकी बनाई गई कोविड-19 विरोधी वैक्‍सीन, कोरोना के नए वेरिंएट पर भी असरदायक है. ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में पहचाने गए कोरोना वायरस के नए वेरिएंट के अपेक्षाकृत अधिक शक्तिशाली होने के बावजूद मॉडर्ना का वैक्‍सीन उन पर भी प्रभावी होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 26, 2021, 12:38 AM IST
  • Share this:
मैसाचुसेट्स. अमेरिकी बायोटेक्‍नोलॉजी कंपनी मॉडर्ना इंक (Moderna Inc) ने सोमवार को यहां दावा किया है कि उसका कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में पहचाने जाने वाले कोरोना वायरस के नए वेरिएंट (Coronavirus New Strain) के खिलाफ प्रभावी होगा. मॉडर्ना को उसके मेसेंजर-आरएनए (एम-आरएनए) चिकित्सीय और वैक्‍सीन के लिए जाना जाता है. मॉडर्ना ने कहा कि उसके कोविड -19 वैक्सीन की 100 माइक्रोग्राम की दो-खुराके प्रभावशाली हैं और वे आज तक ज्ञात स्‍ट्रेन्‍स से बचाव कर सकती है. कंपनी, हालांकि, अपने टीके mRNA-1273 की एक अतिरिक्त बूस्टर खुराक का परीक्षण करेगी. ताकि नए वेरिएंट की गतिविधि को बेअसर करने की क्षमता में वृद्धि हो सके. यह दक्षिण अफ्रीका में पहली बार पहचाने जाने वाले वेरिएंट B.1.351 के खिलाफ भी नया बूस्‍टर दवा को तैयार कर रहा है.

मॉडर्ना के सीईओ स्टीफन बंसेल ने एक बयान में कहा कि कंपनी बहुत सावधानी से नई दवा निर्माण में आगे बढ़ रही है. बंसेल ने कहा "जैसा कि हम कोविड-19 वायरस को हराना चाहते हैं ... हमारा मानना ​​है कि वायरस के विकसित होने पर उसका सक्रिय होना तय है. ऐसे नए वेरिएंट पर हमारे बनाए वैक्‍सीन के प्रभावी होने की जानकारी ने हमारा आत्‍मविश्‍वास बढ़ाया है. ऐसी उम्‍मीद है कि मॉडर्ना कोविड-19 वैक्‍सीन इन नए वेरिएंट के खिलाफ सुरक्षात्‍मक होना चाहिए.

नई चिंता : वैक्‍सीन का असर वायरस के नए वेरिएंट पर नहीं होगा
कोरोना वायरस के नए वेरिएंट को लेकर स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के बीच एक नई चिंता पैदा हुई है. वैक्‍सीनाइजेशन पर वैज्ञानिक टीम के उपाध्‍यक्ष और ऑक्‍सफोर्ड के प्रोफेसर एंथनी हारडेन ने बताया थाा कि नया वेरिएंट बड़ी चुनौती है क्‍योंकि इन पर कोविड-19 के वैक्‍सीन कारगर साबित नहीं होंगे. अब जब दुनिया भर की सरकारें टीकाकरण के माध्‍यम से कोरोना को काबू में करने की कोशिश कर ही हैं, ऐसी खबरों ने चिंता बढ़ा दी है. ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने भी कहा था कि कोरोनोवायरस के दक्षिण अफ्रीकी वेरिएंट को ब्रिटिश वेरिएंट की तुलना में कहीं अधिक भयानक बताया गया है.



दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील के लोगों का क्‍या होगा
ऑक्‍सफोर्ड के प्रोफेसर एंथनी हारडेन ने चेतावनी दी थी कि दक्षिण अफ्रीकी और ब्राजील के अमेजानियन लोगों को वैक्‍सीन कैसे लगेगा? यदि ये वैक्‍सीन से बच गए तो वायरस पर नियंत्रण कैसे होगा ? वायरस के दक्षिण अफ्रीकी वेरिएंट की पहचान पहली बार नेल्सन मंडेला खाड़ी में अक्टूबर 2020 की शुरुआत में हुई थी, और दिसंबर 2020 के अंत में जाम्बिया में भी इस वेरिएंट की पहचान की गई थी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज