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VIDEO: US आर्मी को मिली बड़ी सफलता, युद्धपोत से ही अंतरिक्ष में मार गिराई मिसाइल

अमेरिकी मिसाइल डिफेन्स एजेंसी का बड़ा कारनामा
अमेरिकी मिसाइल डिफेन्स एजेंसी का बड़ा कारनामा

अ‍मेरिका की मिसाइल डिफेंस एजेंसी ने पहली बार अंतरिक्ष में एक अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल को इंटरसेप्‍टर मिसाइल से मार गिराने में सफलता हासिल की है. M-3 Block IIA मिसाइल को अमेरिका की कंपनी रेथियान और जापान की मित्‍सुबीसी ने मिलकर बनाया है. इस इंटरसेप्‍टर मिसाइल को एक युद्धपोत से दागा गया था, ये अपने तरह का पहला परीक्षण है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 18, 2020, 11:20 AM IST
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वाशिंगटन. अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (आईसीबीएम) के हमले से देश की रक्षा के लिए प्रणाली विकसित करने के लिए पहला कदम उठाया है. अ‍मेरिका की मिसाइल डिफेंस एजेंसी ने पहली बार अंतरिक्ष में एक अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल को इंटरसेप्‍टर मिसाइल से मार गिराने में सफलता हासिल की है. इस इंटरसेप्‍टर मिसाइल को एक युद्धपोत से दागा गया था. इससे पहले मार्शल द्वीप समूह से एक टारगेट आईसीबीएम को छोड़ा गया था. इस मिसाइल को अमेरिकी युद्धपोत से दागी गई इंटरसेप्‍टर मिसाइल ने अंतर‍िक्ष में ही नष्‍ट कर दिया.

अमेरिका अब तक अलास्‍का और कैलिफोर्निया में तैनात किए गए जमीन आधारित लॉन्‍चर की मदद से हमलावर मिसाइलों को नष्‍ट करता था. बताया जा रहा है कि अमेरिकी नौसेना के गाइडेड मिसाइल डेस्‍ट्रायर यूएसएस जॉन फिन से दागी गई मिसाइल SM-3 Block IIA ने आईसीबीएम को अंतरिक्ष में ही नष्‍ट कर दिया. इस परीक्षण को हवाई के तट पर अंजाम दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को अमेरिकी नौसेना के पोत से इंटरसेप्टर मिसाइल (मिसाइल को रोकने वाली मिसाइल) छोड़ा गया जिसने समुद्र में प्रायोगिक आईसीबीएम को मार गिराया. इससे पहले आईसीबीएम को निशाना बनाने के लिए भूमिगत केंद्र से इंटरसेप्टर मिसाइल को लांच किया गया था और इसकी अगली कड़ी में अधिक चुनौतीपूर्ण पोत के आधार से दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइल को गिराने का सफल परीक्षण किया गया, जिससे पेंटागन की मौजूदा मिसाइल रक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और उस पर भरोसा बढ़ा है.






उत्तर कोरिया-चीन से बढ़ रहा है ख़तरा
अमेरिकी सेना ने यह परीक्षण 16 नवंबर को किया. SM-3 Block IIA मिसाइल को अमेरिका की कंपनी रेथियान और जापान की मित्‍सुबीसी ने मिलकर बनाया है. अमेरिका द्वारा मंगलवार को किए गए परीक्षण से उत्तर कोरिया का ध्यान आकर्षित होगा जो अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु हथियार विकसित कर रहा है और जिसकी वजह से पेंटागन पिछले एक दशक से मिसाइल रक्षा प्रणाली को मजबूत कर रहा है. उत्तर कोरिया ने हाल में आईसीबीएम मिसाइलों के परीक्षण से बचने और परमाणु परीक्षण जारी नहीं रखने की घोषणा की है लेकिन अमेरिका में राष्ट्रपति पद पर डोनाल्ड ट्रंप के उत्तराधिकारी के तौर पर जो बाइडन के चुने जाने के बाद प्योंगयोग के शासक किम जोंग उन की मंशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

नौसेना के वाइस एडमिरल और पेंटागन के मिसाइल रक्षा एजेंसी के निदेशक जॉन हिल ने कहा कि मंगलवार को मिसाइल परीक्षण शानदार और कार्यक्रम के लिए अहम उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि पोत आधारित मिसाइल रक्षा प्रणाली दुश्मन की मिसाइल का पता लगाने और उसपर नजर रखने में अधिक सक्षम है और यह अविश्वसनीय तरीके से बढ़े मिसाइल हमले के खतरे से निपटने में अमेरिका को बढ़त देगा. हालांकि, इस दौरान उन्होंने उत्तर कोरिया का नाम नहीं लिया.



पेंटागन के मुताबिक मंगलवार को परीक्षण के दौरान एजिस एसएम-3 मिसाइल के अद्यतन संस्करण को प्रशांत महासागर में हवाई द्वीप के पूर्वोत्तर में तैनात अमेरिकी नौसेना के डेस्ट्रॉयर ने छोड़ा और उसका लक्ष्य अमेरिका के मार्शल द्वीप के क्वाजलेन अटोल परीक्षण रेंज से छोड़ा गया आईसीबीएम का प्रतिरूप था. हालांकि, लक्षित आईसीबीएम जटिल तकनीकों से लैस नहीं था जिसका सामना अमेरिकी इंटरसेप्टर मिसाइल को वास्तविक हमले के दौरान करना पड़ेगा. अधिकारियों ने बताया कि यह परीक्षण पिछले वसंत ऋतु में होना था लेकिन कोरोना वायरस की महामारी की वजह से लागू पाबंदियों के चलते इसमें देरी हुई.
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