VIDEO: दादी की याद आई तो मिलने के लिए 2800 किमी पैदल चला 10 वर्षीय बच्चा

फोटो सौ. इंस्टाग्राम (Romeo Cox)
फोटो सौ. इंस्टाग्राम (Romeo Cox)

सोशल मीडिया (Social Media) पर एक बच्चे की कहानी वायरल (Viral) हो रही है जो 2800 किलोमीटर पैदल चलकर दादी से मिलने पहुंचा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 5, 2020, 10:35 PM IST
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लंदन. एक तरफ दुनिया कोरोना संक्रमण के चलते घरों में कैद थी तो दूसरी तरफ एक बच्चा अपनी दादी से मिलने के लिए इतना बेताब था कि उसने रेल या हवाई यात्रा शुरू होने का इंतजार भी नहीं किया और इटली से लंदन पैदल चल दिया. सोशल मीडिया पर इस बच्चे की कहानी काफी वायरल (Viral) हो रही है. दस वर्षीय रोमियो कॉक्स ने 20 जून को पिता फिल के साथ पालेर्मो (Italy) से लंदन के बीच का 2800 किलोमीटर लंबा सफर शुरू किया था. इस दिलचस्प यात्रा के दौरान दोनों इटली, स्विट्जरलैंड, फ्रांस और ब्रिटेन से होते हुए 21 सितंबर को लंदन पहुंचे. फिलहाल दोनों आइसोलेशन में हैं. पृथक अवधि खत्म होने के बाद ही वे रोमियो की दादी रोजमैरी से मिल सकेंगे.

इस रोमांचक यात्रा के कुछ लम्हों को रोमियो ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया. रोमियो के अनुसार पिछले तीन महीने में उसने जितनी भी मेहनत की है, वह सफल हो जाएगी जब वो अपनी दादी को गले से लगा लेगा. यात्रा के दौरान उसे कई बार जंगली गधों और अन्य जानवरों का भी सामना करना पड़ा. रोमियो ने बताया कि इस सफर में दोनों कई बार रास्ता भटके. मधुमक्खियों के छत्ते के नीचे सो गए, जो अच्छा विचार नहीं था. पैरों की हालत खराब हो गई थी. लेकिन हिम्मत नहीं हारी. जैसे-जैसे हम दादी के नजदीक पहुंच रहे थे, मेरा उन्हें देखने को लेकर उत्साह और भी बढ़ रहा था. मैं जल्द से जल्द उनके गले से लगना चाहता था. हम करीब सालभर बाद मिल रहे हैं. दादी लॉकडाउन के कारण अकेले रहने को मजबूर थीं.

दादी से मिलने के अलावा रोमियो और उनके पिता का एक और मकसद था. वे अपनी इस यात्रा के जरिये प्रवासियों के लिए फंड जुटाना चाहते थे. दोनों ने इस यात्रा से न सिर्फ सबको हैरान किया, बल्कि रिफ्यूजी एजुकेशन एक्रॉस कंफ्लिक्ट्स की मदद करने के लिए 11.4 लाख रुपये की राशि भी जुटाई. रोमियो के पिता का कहना है कि बेटे के साथ बिताया गया यह सफर दोनों के लिए बेहद खास है. इसे वे जिंदगीभर नहीं भूल पाएंगे.



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रोमियो एक साल पहले ही लंदन से पालेमेरो रहने पहुंचा था. उसे वहां के प्रवासी बच्चों ने इतालवी बोलना सिखाया था. कई सारे शरणार्थी बच्चे रोमियो के करीबी मित्र हैं. अपनी इस यात्रा के जरिये इन्हीं दोस्तों के लिए कुछ करना चाहता था.
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