चीन का वो खूनी दरिंदा जिसे लोगों को मारने में आता था मजा, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे

चीन का वो खूनी दरिंदा जिसे लोगों को मारने में आता था मजा, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
चीन का सीरियल किलर यांग शिन्हाई (फाइल फोटो)

भले ही यांग शिन्हाई (Yang Xinhai) ने कहा हो कि उसे लोगों को मारने में मजा आता है लेकिन एक बार जेल में जब लोगों ने उससे पूछा कि आखिर उसने अन्य लोगों को क्यों मारा, तो यांग ने कहा कि लोगों को मारना बहुत सामान्य है, कुछ खास नहीं है.

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बीजिंग. वो कहते हैं ना की कानून के हाथ बड़े लंबे होते हैं, वह किसी भी आरोपी को कहीं से भी ढूंढ निकालता है. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे सीरियल किलर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे पुलिस बस उसकी हरकतें देखकर गिरफ्तार कर लिया. लेकिन जब खुलासा हुआ तो पता चला कि इस खूंखार सीरियल किलर ने ना जाने कितने ही मासूम लोगों को मार डाला (Murder) और कई महिलाओं के साथ रेप (Rape) किया था. यह घटना 3 नवंबर 2003 की है जब पुलिस हेबेई प्रांत के कंगझू शहर में एक रूटीन चैकिंग के लिए एक घर में पहुंची तब वहां उन्हें यांग शिन्हाई नामक एक शख्स की हरकतें बेहद संदेहास्पद लगीं. इसके चलते उन्होंने उसे गिरफ्तार कर लिया. जब पुलिस यांग शिन्हाई (Yang Xinhai) को गिरफ्तार करके अपने साथ लेकर गई और उससे पूछताछ की गई और उसका डीएनए टेस्ट लिया गया तो पुलिस के होश उड़ गए थे, क्योंकि यह वहीं आदमी था जिसकी पुलिस (Police) को तलाश थी, और जिस पर 67 लोगों की हत्याओं की आरोप लगा था. वहीं पुलिस पूछताछ के दौरान शिन्हाई ने यह बात कबूली की उसने 60 से अधिक लोगों को बेरहमी से मार डाला था और कई महिलाओं के साथ बलात्कार किया था.

यांग को बाद में 67 हत्याओं का दोषी पाया गया और 26 अलग-अलग हत्याओं में 23 बलात्कार करने का दोषी पाया गया था, उसके जानलेवा हमलों में 10 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए थे. हत्या करने के अपने कारणों के बारे में बताते हुए, शिन्हाई ने कथित तौर पर कहा, 'जब मैंने लोगों को मार, तब मेरे अंदर इच्छा थी. इसने मुझे और लोगों को मारने के लिए प्रेरित किया. मुझे परवाह नहीं है कि वे जीने लायक हैं या नहीं. यह मेरी चिंता का विषय नहीं है. मुझे समाज का हिस्सा बनने की कोई इच्छा नहीं है. समाज मेरी चिंता नहीं है.'

ऐसे बना यांग खूंखार किलर
यांग शिन्हाई का जन्म 29 जुलाई 1968 को झेंगयांग काउंटी, ज़ुमेडियन, हेनान प्रांत, चीन में हुआ था. यांग शिन्हाई का परिवार गांव में सबसे गरीब परिवार में से एक था. यांग शिन्हाई अपने भाई-बहनों में सबसे छोटा था. एक युवा लड़के के रूप में यांग शिन्हाई बुद्धिमान था, लेकिन एक अंतर्मुखी भी था. वह जल्दी ही किसी से बात नहीं करता था. यांग शिन्हाई जब 17 साल का था तो उसने स्कूल छोड़ दिया था. यांग शिन्हाई ने पढ़ाई बीच में ही छोड़ने के बाद इधर-उधर कुछ काम किया और काम के लिए भटका भी. कहा जाता है कि उसने ज्यादातर समय तक एक सामान्य मजदूर के रूप में काम किया. इसी दौरान 1988 में वो उस समय मुसीबत में पड़ गया जब उसे एक मजदूर शिविर में चोरी के लिए सजा सुनाई गई. लेकिन इसके बाद भी उसमें कोई बदलाव नहीं आया और वो 1991 में एक बार फिर से चोरी करने के आरोप में जेल गया. इसके बाद उसे साल 1996 में झूमाडियन, हेनान में उसे बलात्कार के प्रयास का दोषी पाया गया और उसे पांच साल के कारावास की सजा सुनाई गई. यांग शिन्हाई किसी तरह, साल 2000 की शुरुआत में रिहा हुआ. इसके बाद तो वो और खतरनाक बन गया और बिना किसी कारण के वो निर्दोष लोगों को मारने लगा.
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गर्लफ्रेंड ने किया ब्रेकअप, समाज से लिया बदला
हालांकि, यांग शिन्हाई ने हत्याओं के लिए किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया, सिवाय इसके कि उसे मारने की तीव्र इच्छा थी और ऐसा करके उसे मजा आता था. लेकिन हेबै के एक समाचार पत्र, यान्झोओ दुशी में प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चूंकि यांग को जेल की सजा सुनाई गई थी और डकैती और बलात्कार के लिए श्रम-शिविर शिविरों में सुधार के लिए उसे जाना पड़ा था, इस दौरान उसकी गर्लफ्रेंड ने उसके साथ ब्रेकअप कर लिया और फिर उसने समाज से बदला लेने के लिए लोगों को मौत के घाट उताना शुरू कर दिया.

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ऐसे हुई मौत की सजा
भले ही यांग शिन्हाई ने कहा हो कि उसे लोगों को मारने में मजा आता है लेकिन एक बार जेल में जब लोगों ने उससे पूछा कि आखिर उसने अन्य लोगों को क्यों मारा, तो यांग ने कहा, 'लोगों को मारना बहुत सामान्य है, कुछ खास नहीं है.' यांग को फरवरी 2004 को लुओहे सिटी इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट, हेनान द्वारा 67 लोगों की हत्याओं और 25 महिलाओं के बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया. इस मामले की सुनवाई करीब एक घंटे से भी कम चली थी. यांग को मौत की सजा सुनाई गई थी और 14 फरवरी 2004 को हेनान में यांग को सिर पर बंदूक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
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