लेबनान ब्लास्ट: 3 मंत्रालयों में घुसे प्रदर्शनकारी, मंत्रियों को चौराहे पर फांसी देने के लगे नारे

बेरूत में तीन मंत्रालयों में घुसे प्रदर्शनकारी

बेरूत में तीन मंत्रालयों में घुसे प्रदर्शनकारी

बेरूत (Beirut explosion) में हुए शक्तिशाली विस्फोट के बाद लोगों ने सरकार की लापरवाही को मुद्दा बनाकर उग्र प्रदर्शन (Beirut Protest) करना शुरू कर दिया है. शनिवार-रविवार को भी ये हिंसक प्रदर्शन जारी रहा और लोगों ने 3 मंत्रालयों की बिल्डिंग में घुसकर तोड़-फोड़ की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 10, 2020, 1:32 PM IST
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बेरूत. लेबनान (Lebanon) की राजधानी बेरूत (Beirut explosion) में हुए शक्तिशाली विस्फोट के बाद लोगों ने सरकार की लापरवाही को मुद्दा बनाकर उग्र प्रदर्शन (Beirut Protest) करना शुरू कर दिया है. शनिवार-रविवार को भी ये हिंसक प्रदर्शन जारी रहा और लोगों ने 3 मंत्रालयों की बिल्डिंग में घुसकर तोड़-फोड़ की. इस प्रदर्शनकारियों ने संसद में भी घुसने की कोशिश की लेकिन वहां तैनात सेना ने इस कोशिश को नाकाम कर दिया. प्रदर्शनकारी इस दौरान लगातार नारा लगा रहे थे कि या तो मंत्री इस्तीफ़ा दें नहीं तो उन्हें चौराहे पर फांसी दे दी जाएगी.

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रविवार ओ भी लोगों की पुलिस के साथ हिंसक झड़प हुई जिसमें एक पुलिस अफसर की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री हसन दियाब (PM Hassan Diab) ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की, जो बेअसर साबित हुई. प्रदर्शनकारी विदेश, वित्त और पर्यावरण मंत्रालय में सुरक्षा घेरा तोड़कर घुसे और तोड़फोड़ की. प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री हसन समेत अन्य मंत्रियों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. उनके हाथों में पोस्टर थे, जिस पर लिखा था कि या तो मंत्री इस्तीफा दें या उन्हें चौराहे पर फांसी दो. उधर प्रधानमंत्री हसन ने कहा, हम लोगों की नाराजगी समझ सकते हैं. विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा. हम चाहते हैं कि देश की व्यवस्थाओं और बाकी क्षेत्रों में अब बड़े सुधार हों. हमें दो महीने का वक्त दीजिए. दूसरी पार्टियों से बातचीत कर चुनाव सुधार के लिए कदम उठाएंगे. इसके बाद लोग अपनी पसंद की सरकार चुन सकेंगे.




लेबनान की सूचना मंत्री ने इस्तीफा दियाइस बीच लेबनान में सूचना मंत्री ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब सत्ताधीशों के प्रति जनाक्रोश बढ़ रहा है क्योंकि सत्ताधारी वर्ग को कुप्रबंधन एवं भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है. माना जा रहा है कि राजधानी बेरूत में हुए धमाके के पीछे भ्रष्टाचार ही प्रमुख वजह है. सूचना मंत्री मनल अब्दुल समद ने अपने त्यागपत्र में कहा कि बदलाव 'संभव' नहीं हुआ और उन्हें लेबनान की जनता की आकांक्षाएं पूरी नहीं कर पाने का अफसोस है. ऐसी खबर है कि पर्यावरण मंत्री भी इस्तीफा दे सकते हैं. इससे चुनौतियों से घिरे प्रधानमंत्री हसन दियाब की परेशानियां बढ़ सकती हैं. दियाब ने जनवरी में ही कमान संभाली थी और तभी से वह संकटों से जूझ रहे हैं. दिवालिया होने वाला है लेबनानकतर के अमीर ने कहा है कि बेरूत में हुआ विस्फोट एक ऐसी 'विकट परिस्थिति' है, जिससे लेबनान अपने दम पर उबर नहीं सकता है. शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने रविवार को एक सम्मेलन के दौरान यह बयान दिया. शेख तमीम ने कहा कि विस्फोट के बाद लेबनान में 'राष्ट्रीय एकता को मजबूती' देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि सरकार और समाज को मजूबती और एकजुटता देने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहायता मुहैया कराया जाना भी काफी महत्वपूर्ण है. कोरोना महामारी के बीच अभूतपूर्व आर्थिक और वित्तीय संकट से जूझ रहे लेबनान अब दिवालिया होने के कगार पर पहुंच चुका है. बेरूत के गवर्नर का कहना है कि धमाके की वजह से देश को 10 से 15 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. 62 हजार इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं और तीन लाख से अधिक लोग बेघर हो गए हैं. देश के पास एक माह से भी कम समय का खाद्य बचा है.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भीषण धमाके के मद्देनजर लेबनान के प्रति समर्थन जाहिर करने के लिए बेरुत पहुंच गए हैं. इस विकट स्थिति में राहत और बचाव के लिए कई अन्य देशों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. हालांकि आर्थिक संकट से जूझ रहे लेबनान को शहर के पुनर्निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय मदद की जरूरत पड़ेगी. समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, बेरुत के गवर्नर मारवन अबोद ने बताया कि धमाके से करीब आधे शहर को नुकसान पहुंचा है. धमाके की जांच शुरू हो गई है. जांच में खासतौर पर लापरवाही को केंद्र में रखा गया है. सरकार ने बेरुत पोर्ट के कई अधिकारियों को नजरबंद करने का आदेश दिया है. यह आशंका जताई जा रही है कि गोदाम की सुरक्षा में लापरवाही के नतीजन यह भीषण घटना हुई.
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