VIRAL VIDEO: मेक्सिको में हुआ रोने का कम्पीटीशन, लोगों ने रो-रो कर किया बुरा हाल

मेक्सिको में होता है रोने का कम्पीटीशन
मेक्सिको में होता है रोने का कम्पीटीशन

Viral Video: मेक्सिको में द डे ऑफ द डेड त्यौहार के दिन एक रोने की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है. इस रोने की प्रतियोगिता में लोग कब्रों या फिर कोई टॉपिक लेकर उस पर रोने का अभिनय करते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2020, 9:27 AM IST
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मेक्सिको सिटी. मेक्सिको (Mexico) में हर साल 1 नवंबर को द डे ऑफ द डेड (Day of Dead) त्यौहार मनाया जाता है. इस दिन लोग अपने पूर्वजों की कब्रों पर जाते हैं, उन्हें सजाते हैं और उनके मन पसंद की चीजें भी लेकर जाते हैं. ये मेक्सिको के बड़े और मशहूर त्योआरों में से एक माना जाता है. इस दिन एक मशहूर रोने का कम्पीटीशन भी होता है जिसमें सबसे बेहतर रोने वाले को इनाम दिया जाता है.

बता दें कि मेक्सिको भी कोरोना संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित है और इस साल सारे कब्रिस्तान बंद हैं. NYT की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल डे ऑफ द डेड के दिन भी सार्वजनिक उत्सवों पर पाबंदी रही. न तो लोग कब्रों पर जा पाए और न ही रो कर अपना मन हल्का कर पाए. हालांकि सैन जुआन डेल रियो शहर में हर साल होने वाला रोने का कम्पीटीशन इस साल भी हुआ. बता दें कि इस साल ये ऑनलाइन हुआ और लोगों ने इसके लिए 2-2 मिनट की रोने के वीडियो बनाकर भेजे थे.





रोने का अजब कम्पीटीशन
बता दें कि हर साल इसमें लाइव परफॉर्म करना होता था लेकिन इस बार वर्चुअल ही इसका आयोजन इस प्रतियोगिता के लिए आश्चर्यजनक रूप से पिछले साल से दोगुनी एंट्रीज पहुंचीं थीं. सर्वश्रेष्ठ रोने वाला चुनने की परंपरा दरअसल प्राचीन परंपरा का सम्मान है, जिसमें किसी की मौत पर रोने के लिए किराए की महिलाएं बुलाई जाती थीं. रोने की इस स्पर्धा का पहला अवॉर्ड कैलीफिर्निया की प्रिंसेसा कैटलीना चावेज ने जीता. पेशे से अभिनेत्री चावेज कभी नहीं रोईं, लेकिन इस साल उन्हें खूब रोना पड़ा. वे कहती हैं, 'कोरोना ने मुझे रोने पर मजबूर किया.'

कैटलीना ने एक अनजान कब्र के पास बैठकर वीडियो बनाया था. इसके लिए अनुमति भी ली. दूसरे स्थान पर रहने वाली 58 वर्षीय सिल्वेरिया बाल्डेरास रुबियो ने कहा कि मैंने पहले रोटी हुई महिलाओं को देखा था, बस उसी तरह रोई और जीत गई. सबसे ज्यादा ब्रेंडा अनाकेरेन का वीडियो चर्चाओं में रहा. उन्होंने साल 2020 और कोरों कोरोना को लेकर रोने का वीडियो बनाया था. 31 वर्षीय ब्रेंडा कहती हैं, इस साल की त्रासदियां मेरे वीडियो के लिए प्रेरणा बनी.

पुरुष भी ले सकेंगे कम्पीटीशन में हिस्सा
टूरिज्म ब्यूरो के प्रमुख एजुआर्दो गुइलेन के मुताबिक, मौत पर रोना ही नहीं, हंसना भी मेक्सिको की संस्कृति का हिस्सा है. यह समस्याओं का सामना करने का एक तरीका है. कई लोगों ने बड़े नाटकीय वीडियो बनाए था उर कई ने कब्र के पास बैठकर दहाड़ मार-मारकर रोने के वीडियो भेजे. इनमें से कुछ ने हास्यास्पद तरीके भी चुने. एक महिला ने घर में ही फूलों का गुलदस्ता रख रोने का अभिनय किया. वीडियो देखकर पैनल में शामिल जज खुद को हंसने से नहीं रोक पाए. इस बार घोषणा की गयी है कि अगली बार से पुरुषों को भी स्पर्धा में शामिल किया जाएगा.
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