स्पेस में जाने के लिए जीवन भर कुंवारी रही ये महिला, 80 साल उम्र में मिला ये मौका

वैली फंक के कानों में बर्फीला पानी डाला गया, बिजली के झटके दिए गए. लेकिन उन्होंने सभी टेस्ट पास कर लिए. तभी पता चला कि यह प्रोग्राम 25 से 40 साल की महिलाओं के लिए है, जबकि वैली की उम्र उस वक्त सिर्फ 22 साल की थीं.

News18Hindi
Updated: July 8, 2019, 9:19 AM IST
स्पेस में जाने के लिए जीवन भर कुंवारी रही ये महिला, 80 साल उम्र में मिला ये मौका
नासा कई दौर में नकारे जाने के बाद भी स्पेस में जाने की वैली फंक की जिद जारी रही.
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Updated: July 8, 2019, 9:19 AM IST
अमेरिका की रहने वाली वैली फंक को हाल ही में उनकी जिदंगी के पहले स्पेस मिशन में शामिल होने का न्योता मिला है. अब उनकी उम्र करीब 80 साल है. लेकिन वह इस मिशन पर जाएंगी, क्योंकि उन्होंने जीवनभर इस मौके का इंतजार किया है. यहां तक वैली फंक ने स्पेस में जाने के लिए ही जीवन भर शादी नहीं की. असल में शादी होने के बाद शरीर में कई ऐसे बदलाव होते हैं जो किसी महिला को स्पेस मिशन में शामिल होने से रोकते हैं, जैसे गर्भवती होने के दौरान कोई स्पेस मिशन पर नहीं जा सकता या फिर मां बनने के एक साल के भीतर भी नासा की अनुमति नहीं मिलती. इन्हीं सब से बचने के लिए वैली जीवनभर कुंवारी रहीं.

हाल ही में वैली की जिंदगी पर एक किताब प्रकाशित हुई है, 'वैली फंक्स रेस फॉर स्पेस: द एक्स्ट्राऑर्डिनरी जर्नी ऑफ ए फीमेल एविएशन पॉयोनियर'. इसे स्यू नेल्सन ने लिखा है. उन्होंने वैली की जीवन पर विस्तार से लिखा है. इसमें वैली के जिंदगी के कई रहस्योद्घाटन है. कैसे पुरुषवादी समाज के चलते उनके पास सभी योग्यता होने के बाद भी नजरअंदाज किया गया. इतना ही नहीं कई बार सभी टेस्ट में अव्वल में रहने के बाद भी उन्हें स्पेस मिशन पर नहीं भेजा गया.

आखिरकार 1.40 करोड़ रुपये में खरीदा स्पेस टिकट
जीवनभर नासा व कई बड़े स्पेस स्टेशनों के चक्कर लगाने के बाद आखिरकार वैली फंक को अमेरिका वर्जिन गैलेक्टिक कंपनी के एक स्पेस मिशन का टिकट मिला है. इसकी कीमत 1.40 करोड़ रुपये है. वे आगामी कुछ दिनों में इस स्पेस मिशन का हिस्सा बनेंगी.



नौ साल की उम्र में सिर पर चढ़ा था जुनून
वैली फंक को उड़ने का जुनून महज नौ साल की उम्र में चढ़ा था. तब उनकी फ्लाइंग क्लास रखी गई थीं. इसी दौरान उन्हें पहली बार उड़ने का मौका मिला था. इस दौरान हुए अनुभव ने उन्हें जीवन भर के लिए एविशन इंडस्ट्री का बना दिया. शुरुआती पढ़ाई के बाद उन्होंने मिसौरी के स्टीफन कॉलेज से फ्लाइंग लाइसेंस लेकर आधिकारिक तौर पर प्लेन उड़ाना शुरू कर दिया था. यही नहीं, ओक्लाहोमा यूनिवर्सिटी में वह कोर-एविएशन टीम में शामिल हो गई थीं. तब वह पहली महिला थीं, जो इस टीम में थीं.
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कानों बर्फीला पानी और बिजली झटके सहने के बाद भी वैली फंक को निकाल दिया प्रोजेक्ट से
साल 1959 में नासा ने निजी कंपनियों को अपने प्रोजेक्ट पर पैसे लगाने के लिए आमंत्रित किया. तब प्रोजेक्ट मर्करी 13 लॉन्च किया गया था. निजी कंपनी ने पैसे लगाते ही सबसे पहली मांग ये रखी कि प्रोजेक्ट पुरुषों के साथ महिलाओं को भी मौका मिलना चाहिए.



तब वैली फंक को पहला मौका लगा जब उन्होंने नासा के किसी स्पेस मिशन में शामिल होने के लिए टेस्ट देना शुरू किया. इस दौरान टेस्ट के लिए उनके कानों में बर्फीला पानी डाला गया, बिजली के झटके दिए गए. लेकिन उन्होंने सभी टेस्ट पास कर लिए. तभी पता चला कि यह प्रोग्राम 25 से 40 साल की महिलाओं के लिए है, जबकि वैली की उम्र उस वक्त सिर्फ 22 साल की थीं.

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कुछ दिनों के उहापोह के बाद वैली के साथ की सभी 12 महिलाओं को प्रोगाम से अलग कर दिया गया. किसी को भी स्पेस में नहीं जाने दिया गया. तब कारण में महज इतना बताया गया कि महिलाएं इस प्रोग्राम में शामिल नहीं हो सकतीं. हालांकि वैली ने हार नहीं मानी.



80 की उम्र में नहीं दिखती थकान, हर शनिवार उड़ाती हैं फ्लाइट
नासा कई दौर में नकारे जाने के बाद भी स्पेस में जाने की वैली फंक की जिद जारी रही. इस जिद में उन्हें सबसे पहले अपनी निजी जिंदगी की कुर्बानी देनी पड़ी. इस जद्दोजहद में साल 1971 में फेडरेशन एविएशन अथॉरिटी में उन्हें पहली महिला इंस्पेक्टर बनाया गया. यहीं पर उन्होंने आगे का कॅरियर तय किया. वे आज भी फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर के तौर पर सेवाएं दे रही हैं. इसके अलावा हर शनिवार वो फ्लाइट उड़ाती हैं.
First published: July 8, 2019, 9:19 AM IST
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