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वियतनाम के जंगलों में 30 साल बाद दिखा यह अजीब जानवर


Updated: November 13, 2019, 10:22 AM IST
वियतनाम के जंगलों में 30 साल बाद दिखा यह अजीब जानवर
इस दुर्लभ प्राणी को पिछले तीन दशकों में पहली बार देखा गया है.

किसी खरगोश के आकार वाले इस जानवर को सबसे छोटा खुर वाला स्तनधारी (Smallest Mammal) माना जाता है. इस चूहे से दिखने वाले जानवर को वैज्ञानिक 'माउस डियर' (Mouse Deer) कहते हैं.

  • Last Updated: November 13, 2019, 10:22 AM IST
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हनोई. वियतनाम (Vietnam) में एक असामान्य रूप से छोटा हिरण (Smallest Deer in the world) पाया गया है. शोधकर्ताओं का कहना है कि इस दुर्लभ प्राणी (Rare Species Found) को पिछले तीन दशकों में पहली बार देखा गया है. चूहे से बड़ा किसी खरगोश के आकार के बराबर इस जानवर को सबसे छोटा खुर वाला स्तनधारी (Smallest Mammal) माना जाता है. इस चूहे से दिखने वाले जानवर को वैज्ञानिक 'माउस डियर' (Mouse Deer) कहते हैं.

ग्लोबल वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन (GWC) के मुताबिक इसका वजह लगभग 4.5 किलों तक हो सकता है. इसके पहले 'माउस डियर' को तीन दशक पहले 1990 में देखा गया था. इस स्तनपायी को वास्तविक जीवन में देखे हुए काफी समय हो चुका है. GWC के अनुसार, इसका अंतिम दर्शन 1990 में वियतनाम में हुआ था. GWC ने वियतनाम में 'सदर्न इंस्टीट्यूट ऑफ इकोलॉजी और लाइबनिट्स इंस्टीट्यूट फॉर जू एंड वाइल्डलाइफ रिसर्च के साथ काम कर रहा है.

नेचर इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित पेपर में यह बताया गया है कि यह एक खास अभियान का नतीजा है. इस अभियान में खासकर उन प्रजातियों का पता लगाने पर जोर दिया जा रहा है जो हाल के सालों में नहीं देखी गईं हैं. इसलिए तीन दशकों से लुप्त इस प्रजाति को खोजना पहली प्राथमिकता थी.


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यह खोज इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?
जब यह जानवर 1990 में आखिरी बार देखा गया था, तब यह जीवित नहीं पाया गया था. रिपोर्ट के अनुसार, एक वियतनामी और रूसी अभियान ने पहले से ही शिकार किए गए 'माउस डियर' को रिकार्ड किया था. यह केवल पांचवा 'माउस डियर' था.

एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि इतने लंबे समय से यह प्रजाति केवल कल्पना में मौजूद थी. अब वैज्ञानिक इसे संरक्षित करने की दिशा में काम कर रहे हैं.



उन्हें माउस-हिरण कैसे मिला?
शोध दल ने तीन अलग-अलग दक्षिणी वियतनामी प्रांत में तीन कैमरा ट्रैप स्थापित किए. यह कैमरा ट्रैप स्थानीय ग्रामीणों और वन रेंजरों के साथ बातचीत के आधार पर लगाए गए थे. उसके बाद ही इस विलक्षण जानवर की तस्वीर कैमरे में कैद हो पाई.
यह केवल मौके की बात थी. पहले कुछ महीनों में शोधकर्ताओं की टीम को कुछ सौ तस्वीरें लेने में कामयाबी हासिल हुई. फिर अगले पांच महीनों के दौरान 29 कैसरों से लगभग 1000 से अधिक तस्वीरें कैमरे में कैद की गईं.

इस प्रजाति को किससे खतरा है?
सबसे पहले तो जंगल कटने से इनका आशियाना खत्म होता जा रहा है. जिसकी वजह से इनके शिकार की आशंका बनी रहती है. यह प्रजाति दुनिया की टॉप 25 मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल है. इसे पहली बार 1910 में वियतनाम के न्हा ट्रांग में देखा गया था. तब से इसकी संख्या लगातार गिरती रही.

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First published: November 13, 2019, 9:56 AM IST
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