योगफोबिया के शिकार हैं पश्चिम देशों के चर्च, चोरी-छिपे योग करते थे पूर्व पोप

क्रिश्चियन फोरम डॉट कॉम की एक खबर के अनुसार साल 2005 में आई ''लाइट आफ लाइफ' किताब में लेंगर लिखते हैं, एक दफा पोप की तबीयत बिगड़ गई थी. तब उन्होंने मुझे बुलाया था. वे खुद के इलाज के लिए योग सीखना चाहते थे.

News18Hindi
Updated: July 2, 2019, 3:40 PM IST
योगफोबिया के शिकार हैं पश्चिम देशों के चर्च, चोरी-छिपे योग करते थे पूर्व पोप
क्रिश्चियन फोरम डॉट कॉम की एक खबर के अनुसार साल 2005 में आई लाइट आफ लाइफ किताब में लेंगर लिखते हैं, एक दफा पोप की तबीयत बिगड़ गई थी. तब उन्होंने मुझे बुलाया था. वे खुद के इलाज के लिए योग सीखना चाहते थे.
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Updated: July 2, 2019, 3:40 PM IST
पश्चिमी देशों में योग को लेकर कई तरह के विवाद सामने आते रहे हैं. भारत से उपजे योग को आदिकाल से ही शरीर और आत्मा की शुद्धि से जोड़कर देखा गया है. प्रागैतिहासिक काल से ही भारत के लोग योग करते आए हैं. इससे होने वाले फायदों को देखते हुए कई पश्चिमी देशों ने भी इसे जब-तब अपनाने की कोशिश की. लेकिन ज्यादातर मौकों पर योग को लेकर पश्चिमी देशों और चर्चों ने असहमतियां जताईं. योग की कई विधाओं को ईसाई धर्म के विरुद्ध बताया.

इसी क्रम में एक नया रहस्योद्घाटन लेखक, वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक स्तंभकार के बेनेडिक्ट ने अपनी किताब में किया है. उन्होंने पश्चिमी देशों के सबसे प्रसिद्ध कैथोलिक चर्च के एक पूर्व पोप के बारे में कई बातें लिखी हैं. इनसे ये जाहिर होता था कि पूर्व पोप पॉल षष्टम (Pope Paul VI) योग के बड़े समर्थक थे. यहां तक कि कई बार उनके छिपकर योग करने की बातें की जाती हैं.

ईसाई धर्म में इन योगों का होता है विरोध
कई चर्च ये कहते हैं कि वे योग के विरोध में नहीं हैं. लेकिन हठ योग और तंत्र योग को हमेशा ईसाई धर्म के विरुद्ध बताया है. यही नहीं राज योग, भक्ति योग, कर्म/क्रिया योग के बजाय वो अपनी ही तरह का 'क्रिश्चियन' योग करने में विश्वास रखते हैं.

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वरिष्ठ पत्रकार एक निजी लेख में लिखते हैं, पूर्व पोप पॉल षष्टम, स्वर्गीय बीकेएस लेंगर से चोरी-‌छिपे योग सीखते थे. वो एक ग्लोबल योग के ब्रांड अंबेसडर थे. यहां तक कि वो खुद के संत होने का भी दावा करते थे. इसमें लेखक कहते हैं, "इटली में एक दिन दोपहर में मैं और पोप एक साथ बैठे थे. इस दौरान हमने भारत पर काफी बातें कीं. उन्होंने करीब आठ मिनट तक मुझे भारतीय परंपराओं के बारे में बताया."


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क्रिश्चियन फोरम डॉट कॉम की एक खबर के अनुसार साल 2005 में आई "लाइट ऑफ लाइफ'' किताब में लेंगर लिखते हैं, एक दफा पोप की तबीयत बिगड़ गई थी. तब उन्होंने मुझे बुलाया था. वो खुद के इलाज के लिए योग सीखना चाहते थे.

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इतना ही नहीं दो साल पहले वेटिकन के एक चर्च के प्रमुख फॉदर सीजर ट्रूकी ने अपने ही तरह का योग शुरू किया था. इसके कुछ रूपों का वर्णन चर्चित नॉवेल हैरी पॉटर में मिलता है.

बीजेपी सरकार के आने के बाद नियम किए और सख्त
साल 2014 में बीजेपी की सरकार आने के बाद योग की ताकत को दुनियाभर ने पहचाना है. साथ ही अब विश्व भर में इंटरनेशनल योग डे मनाया जाने लगा है. लेकिन दूसरी तरफ योग को लेकर अब पश्चिमी देशों ने और ज्यादा नियम सख्त कर दिए हैं. वे अपने ही तरह का योग चाहते हैं. हालांकि वे भारत से ही सीख कर तैयार किए गए हैं.
First published: July 2, 2019, 3:21 PM IST
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