चार महीने लगातार ढूंढ़ने पर भी नहीं मिला था मलेशिया का MH370 विमान, अब सामने आया सच

किसी विमान को खोजने का यह इतिहास में अब तक का सबसे लंबा अभियान था. इसमें लाखों डॉलर खर्च हुए. इस देश में अन्य देशों, खासकर ऑस्ट्रेलिया ने भी मदद की. इसके बाद भी फ्लाइट MH370 को ढूंढ़ा नहीं जा सका.

News18Hindi
Updated: June 18, 2019, 9:34 AM IST
चार महीने लगातार ढूंढ़ने पर भी नहीं मिला था मलेशिया का MH370 विमान, अब सामने आया सच
लेखक ने दावा किया है कि पायलट की गलती से प्लेन ऐसा क्रैश हुआ कि हजारों छोटे-छोटे टुकड़ों में बिखर गया (सांकेतिक तस्वीर)
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Updated: June 18, 2019, 9:34 AM IST
मलेशियन एयरलाइंस का एक जहाज MH370 8 मार्च, 2014 को हवा में ही गायब हो गया था. महीनों चली इसकी खोज का भी कोई हल नहीं निकला था. मलेशिया के कुआलालंपुर से बीजिंग जा रहा यह विमान जब गायब हुआ, तब इसपर 239 यात्री भी सवार थे.

किसी विमान को खोजने का यह इतिहास में अब तक का सबसे लंबा अभियान था. इसमें लाखों डॉलर खर्च हुए. इस देश में अन्य देशों, खासकर ऑस्ट्रेलिया ने भी मदद की. इसके बाद भी फ्लाइट MH370 को ढूंढ़ा नहीं जा सका.

अंतत: जून, 2014 में विमान की खोज में लगी सीबेड एक्सप्लोरेशन फर्म ओशियन इनफिनिटी को मलेशिया की सरकार ने वापस बुला लिया था. अपने ऑपरेशन में फेल रहने के चलते मलेशिया सरकार ने कंपनी को पेमेंट भी नहीं दिया था. लेकिन आज भी MH370 का गायब होना किसी रहस्य से कम नहीं है. भारत में पाए जाने वाले 20 हाथियों या 2 ब्लू व्हेल मछलियों के बराबर इस प्लेन का ऐसा गायब होना कि कोई सुराग न मिलना किसी के लिए भी गले न उतरने वाली बात है.

कई टुकड़ों में बिखर जाने के चलते नहीं मिला प्लेन

अब अटलांटिक वेबसाइट पर छपी एक रिपोर्ट में विलियम नाम के एक लेखक ने दावा किया है कि दरअसल यह प्लेन एक अवसाद का शिकार पायलट चला रहा था, जिसकी गलती से प्लेन ऐसा क्रैश हुआ कि हजारों छोटे-छोटे टुकड़ों में बिखर गया.

हालांकि यह सच हो या न हो लेकिन इस प्लेन को लेकर कई सारी षड्यंत्रकारी घटनाओं का जिक्र भी होता रहा है, आइए जानें क्या हैं वे अफवाहें, जिनका हमेशा होता है MH370 के बारे में जिक्र-

मार गिराया गया था प्लेन
यह प्लेन मार्च, 2014 में खोया था और मार्च में ही एक ऑस्ट्रेलियन शख्स ने इसके बारे में एक सनसनीखेज दावा किया था. उसका कहना था कि उसने गूगल अर्थ पर MH370 का मलबा खोज लिया है.

ऑस्ट्रेलिया के इस शख्स का नाम था पीटर मैकमोहन. उसने दावा किया था कि उसे विमान के मलबे में गोलियों के छेद दिखे हैं. उसका कहना था कि उसे यह एक ऐसे द्वीप के पास मिला, जहां मॉरीशस का शासन है. इतना ही नहीं डेली मेल के लिए अपने एक लेख में इस शख्स ने यह दावा किया था कि इस जगह पर खोजी दस्तों ने जानबूझकर विमान को नहीं खोजा.

ऑस्ट्रेलिया के एक शख्स ने गूगल अर्थ पर MH370 का मलबा खोज लेने का दावा किया था (फाइल फोटो)


अपने दावे को एक कदम आगे बढ़ाते हुए, उसने यह भी किया था कि ऑस्ट्रेलिया इस हिस्से में विमान को खोजना ही नहीं चाहता था और इस बात को छिपा रहा था. हालांकि उसने यह भी कहा था कि उसे नहीं पता कि ऐसा क्यों किया गया?

हालांकि उसने एक अनुमान लगाया था कि शायद गोलियों के निशान के चलते विमान के मलबे को नहीं खोजा गया था. उसका मानना था कि ऐसा करने से नई जांच शुरू हो जाएगी. मैकमोहन ने दावा किया था कि दरअसल प्लेन को निशाना बनाकर उसपर गोलियां चलाई गई थीं, जिससे प्लेन समुद्र में क्रैश कर गया. हालांकि जब इन तस्वीरों की मलेशिया ने जांच की तो मलेशिया के मिनिस्टर लियु तियोंग ने इन दावों को फर्जी करार दिया था.

प्लेन साइबर हाईजैकिंग का हो गया शिकार
अपनी किताब बिनीथ अनॉदर स्काई: ए ग्लोबल जर्नी इनटू हिस्ट्री में ख्यातिप्राप्त लेखक और इतिहासकार नॉर्मन डेविस ने कहा था कि एक और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जैसे हमले से बचने के लिए जिस प्लेन को रिमोटली कंट्रोल करने का सिस्टम शुरु हुआ था, साइबर अपराधी उसका गलत इस्तेमाल भी कर सकते हैं. उनका कहना था कि MH370 जिसमें बोइंग हनीवेल अनइंट्रेप्टेड ऑटोपाइलट ऑन-बोर्ड कंप्यूटर लगा हुआ है को हैक और फिर रिप्रोग्राम किया जा सकता है और उड़ाकर किसी खूफिया जगह पर ले जाया जा सकता है.

संडे टाइम्स अख़बार से उन्होंने यह संभावना भी जाहिर की थी कि यह प्लेन कोई शख्स या खुफिया जानकारी लेकर हो सकता है कोई बीजिंग जा रहा हो, जिसके चलते यह किडनैपिंग हुई हो.

इसके बाद ऐसी कई रिपोर्ट्स सामने आई थीं. इनमें प्लेन पर कुछ 'गलत' घटित होने की बात कही गई थी. संडे एक्सप्रेस में मार्च, 2014 में ही छपी एक रिपोर्ट में बताया गया था कि कैसे प्लेन की सारी प्रोग्रामिंग को हैक करके उसमें एक अलग स्पीड, एल्टीट्यूड और दिशा सेट कर दी गई थी, जिससे ये प्लेन अपने आप क्रैश कर गया.

वहीं कुछ हैकर्स ने दावा किया था कि इसे हिंद महासागर में स्थित एक अमेरिकी नौसैनिक बेस पर ले जाने पर प्रयास किया था.

एक दावा यह था कि यह प्लेन कोई शख्स या खुफिया जानकारी लेकर हो सकता है कोई बीजिंग जा रहा हो, जिसके चलते यह किडनैपिंग हुई हो (फाइल फोटो)


क्या पुतिन जानते थे इसके बारे में?
वहीं एक स्वतंत्र जांचकर्ता ने यह दावा भी किया था कि पुतिन सब जानते हैं कि मलेशियन विमान कहां पर है? डेली स्टार से बात करते हुए आंद्रे मिलने नाम के इस शख्स ने कहा था कि फ्लाइट MH370 हिंद महासागर की एक खाई में गिर गई थी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इसकी जानकारी दी थी.

उसने यह भी कहा था, सैटेलाइटों के जरिए रूसी एक्सपर्ट्स ने जहाज के मलबे को देख लिया था और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इसकी जानकारी भी दे दी गई थी.

पुतिन इस बारे में इसलिए शांत रहे क्योंकि रूसी एक्सपर्ट ने इसे एक सीक्रेट सैटेलाइट के जरिए देखा था और अगर वे इसके बारे में दुनिया को बताते तो उन्हें अपनी सीक्रेट सैटेलाइट के बारे में भी बताना पड़ता. जो कि जासूसी की बात को स्वीकारना होता. बाद में इस शख्स ने यह भी दावा किया था कि अगर अभी भी बंगाल की खाड़ी में बिना पंखों का जहाज का मलबा मिल जाएगा.

क्या प्लेन हो गया किसी आतंकी हमले का शिकार?
यह भी एक थियरी है कि आधे रास्ते में विमान पर को किसी यात्री ने प्लेन को खुद के नियंत्रण में लेकर समुद्र में डुबा दिया. हालांकि जिस 226 यात्रियों और 12 क्रू मेंबर्स के डॉक्यूमेंट्स के साथ इस थियरी को प्रूव करने की बात कही जा रही थी, उसे मलेशियन अधिकारियों ने नकार दिया था. उनका कहना था कि यह डॉक्यूमेंट कुछ देर पहले का है और प्लेन पर आखिरी वक्त में 227 लोग और 12 क्रू मेंबर सवार थे.

इस प्लेन को लेकर और भी कई सारी षड्यंत्रकारी बातें सामने आती रही हैं (फाइल फोटो)


इसके अलावा इन कारणों को भी प्लेन के हमेशा के लिए गायब हो जाने की वजह बताया जाता है-
# एक थियरी के मुताबिक उड़ने से पहले ही प्लेन में क्रैक थे. जो उड़ान के दौरान बढ़ गया और प्लेन क्रैश कर गया.

# एक मलेशियन मिनिस्टर ने भी कहा था कि जिस इलाके से प्लेन गायब हुआ है वह बरमूडा ट्राएंगल से ठीक उल्टे इलाके में पड़ता है. हो सकता है कि रहस्यमयी बरमूडा ट्राएंगल के चलते ही प्लेन गायब हो गया हो.

# एक अखबार संडे स्पोर्ट ने इस प्लेन की एक एडिटेड तस्वीर छापी थी और दावा किया था कि यह प्लेन चांद पर मौजूद है. हालांकि यह ख़बर फर्जी थी.

# इलूमिनाटी वाचर के अनुसार प्लेन एक ग्रिड ऑफ एनर्जी से टकरा गया था जहां से बहुत एनर्जी निकलती है और इसी में गायब हो गया.

# फ्रांस एंटर में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि प्लेन को यूएस मिलिट्री ने प्लेन को मार गिराया था.

# एक और दावे के अनुसार पायलट ने खुद ही प्लेन को गायब कर दिया क्योंकि वह दुनिया के सबसे बड़े रहस्य को पैदा करना चाहता था.

# एक और थियरी के हिसाब से उत्तरी कोरिया ने MH370 को हाइजैक कर दिया.

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