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ओमिक्रॉन, डेल्टा से ज्यादा संक्रामक हो सकता है, WHO की चीफ साइंटिस्ट का दावा- वैक्सीन सभी वेरिएंट पर प्रभावी

ओमिक्रॉन, डेल्टा से ज्यादा संक्रामक हो सकता है, WHO की चीफ साइंटिस्ट का दावा- वैक्सीन सभी वेरिएंट पर प्रभावी

ओमिक्रॉन, डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले हो सकता है ज्यादा घातक, WHO की टॉप साइंटिस्ट का दावा(फाइल फोटो)

ओमिक्रॉन, डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले हो सकता है ज्यादा घातक, WHO की टॉप साइंटिस्ट का दावा(फाइल फोटो)

WHO Chief Scientist says Omicron could displace Delta Variant:  विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक डॉ सौम्या विश्वनाथन ने कहा कि यह संभव है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट पिछले अन्य वेरिएंट के मुकाबले ज्यादा संक्रामक और घातक हो सकता है. उन्होंने कहा कि इस बात का अब तक कोई प्रमाण नहीं मिला है कि ओमिक्रॉन एंटीबॉडीज पर प्रभाव डाल सकता है, इसलिए वैक्सीन प्रभावी है और इससे मदद मिलेगी. अब तक जो लोग ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित हुए हैं उन्हें बुखार नहीं आया है इसका मतलब है कि वैक्सीन से अब भी सुरक्षा मिल रही है

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    वॉशिंगटन: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (World Health Organization) की चीफ साइंटिस्ट डॉ सौम्या विश्वनाथन (Soumya Swaminathan) ने कहा है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) का ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) पिछले अन्य वेरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक हो सकता है हालांकि इसके लिए नई वैक्सीन (Vaccine) की जरुरत नहीं है. डॉ सौम्या विश्वनाथन ने यह बात शुक्रवार को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के साथ इंटरव्यू में कही. उन्होंने बताया कि ओमिक्रॉन वेरिएंट अन्य वेरिएंट की तुलना में कितना हल्का हो सकता है यह भी अभी कहना मुश्किल है. वहीं इसकी उत्पति साउथ अफ्रीका में हुई है इस पर भी संदेह है.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक डॉ सौम्या विश्वनाथन ने कहा कि यह संभव है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट पिछले अन्य वेरिएंट के मुकाबले ज्यादा संक्रामक और घातक हो सकता है. हालांकि इसका अनुमान लगाना मुश्किल था. दुनियाभर में डेल्टा वेरिएंट से जुड़े संक्रमण के मामलों की संख्या 99 फीसदी है. उन्होंने कहा कि यूरोपियन यूनियन और ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिक ने अनुमान जताया है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट, डल्टा वेरिएंट की तुलना में कुछ महीनों के अंदर ज्यादा तेजी से फैल सकता है.
    ओमिक्रॉन तेजी से संक्रमित करने वाला वेरिएंट है और इसकी पहचान के बाद दक्षिण अफ्रीका में कोविड-19 के रोजाना आने वाले मामलों में तेजी आई है.

    क्या हमें इस वेरिएंट को लेकर चिंतित होने की जरुत है, इस सवाल के जवाब में डॉ सौम्या विश्वनाथन ने कहा कि हमें तैयार और सावधान रहने की आवश्यकता है लेकिन घबराना नहीं है. क्योंकि पिछले साल की तुलना में हम अब एक अलग परिस्थिति में हैं. डॉ सौम्या ने कहा कि इस बात का अब तक कोई प्रमाण नहीं मिला है कि ओमिक्रॉन एंटीबॉडीज पर प्रभाव डाल सकता है, इसलिए वैक्सीन प्रभावी है और इससे मदद मिलेगी. अब तक जो लोग ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित हुए हैं उन्हें बुखार नहीं आया है इसका मतलब है कि वैक्सीन से अब भी सुरक्षा मिल रही है और हम उम्मीद करते हैं वैक्सीन से इस वेरिएंट
    से लड़ने में प्रभावी सुरक्षा प्रदान करेगी.

    वैक्सीन सभी वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी?

    ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन के प्रभाव से जुड़े सवाल पर डॉ सौम्या विश्वनाथन ने कहा कि यह संभव है कि वैक्सीन हर वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी होगी. हालांकि यह भी संभव है कि इम्युनिटी को और मजबूत बनाने के लिए बूस्टर डोज की आवश्यकता हो सकती है. उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का टेक्निकल एडवायजरी ग्रुप इस तथ्य पर काम कर रहा है कि क्या ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर नए प्रकार की वैक्सीन की आवश्यकता होगी.

    क्या साउथ अफ्रीका में मिला ओमिक्रॉन

    भारतीय मूल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सौम्या विश्वनाथन ने कहा कि इस वेरिएंट की उत्पत्ति कहां हुई? इसके बारे में हम नहीं जानते हैं. कोरोना वायरस का यह वेरिएंट उन देशों से आया होगा जहां जिनोम सिक्वेंसिंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. हम यह कभी नहीं जान सकते हैं. ऐसी परिस्थिति में कुछ देशों द्वारा साउथ अफ्रीका की फ्लाइट्स पर बैन लगाना सही नहीं है. दक्षिण अफ्रीका में इस वेरिएंट की पहचान हुई है क्योंकि वहां बेहतर स्तर की निगरानी और जिनोम सिक्वेंसिंग हुई थी.

    Tags: Corona, Omicron variant

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