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WHO की पूर्व चीफ ने 2019 में दी थी महामारी की चेतावनी, फिर भी नहीं जागा विश्‍व

News18Hindi
Updated: March 30, 2020, 1:08 AM IST
WHO की पूर्व चीफ ने 2019 में दी थी महामारी की चेतावनी, फिर भी नहीं जागा विश्‍व
चेतावनी की हुई अनदेखी.

दुनिया में कोरोना वायरस (Coronavirus) से अब तक 6 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं. साथ ही इससे करीब 30 हजार लोगों की मौत हो चुकी है.

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  • Last Updated: March 30, 2020, 1:08 AM IST
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नई दिल्‍ली. दुनिया में कोरोना वायरस (Coronavirus) से अब तक 6 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं. साथ ही इससे करीब 30 हजार लोगों की मौत हो चुकी है. इससे निपटने और इसकी दवा या टीका खोजने के लिए पूरे विश्‍व के वैज्ञानिक शोध में लगे हैं. इस बीच जानकारी सामने आई है कि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) की पूर्व डायरेक्‍टर जनरल ग्रो हारलेम ब्रंडलैंड ने सितंबर 2019 में ही महामारी की चेतवानी जारी की थी. लेकिन इसके बावजूद विश्‍व इसके लिए तैयारी नहीं कर पाया.

नॉर्वे की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रहीं ब्रंडलैंड ने डब्ल्यूएचओ और विश्व बैंक की ग्‍लोबल प्रीपेयर्डनेस मॉनीटरिंग बोर्ड की सितंबर 2019 की रिपोर्ट में कहा था, 'बीमारी विकार में पनपती है और लाभ उठाती है- पिछले कई दशकों से इनका प्रकोप बढ़ रहा है और वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल की ओर बढ़ रहा है. अगर यह कहना सही है कि अतीत प्रस्तावना है, तो 50 से 80 मिलियन लोगों की जान लेने और दुनिया की अर्थव्यवस्था के लगभग 5% का सफाया करने के लिए एक सांस संबंधी बीमारी का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. यह अत्यधिक घातक महामारी है. उस पैमाने पर एक वैश्विक महामारी भयावह होगी, जिससे व्यापक तबाही, अस्थिरता और असुरक्षा पैदा होगी. दुनिया इसके लिए तैयार नहीं है.'

सुझावों की समीक्षा की थी
उन्‍होंने अपनी रिपोर्ट में कहा था, 'अपनी पहली रिपोर्ट के लिए, वैश्विक तैयारी निगरानी बोर्ड (GPMB) ने 2009 की H1N1 इन्फ्लूएंजा महामारी और 2014-2016 इबोला के प्रकोप के बाद पिछले उच्चस्तरीय पैनलों और आयोगों की सुझावों की समीक्षा की, इसके साथ ही अपनी रिपोर्ट और अन्य डाटा की भी समीक्षा की. यह एक तस्‍वीर है जहां दुनिया एक वैश्विक स्वास्थ्य खतरे को रोकने और शामिल करने की अपनी क्षमता दिखाती है.'



हम गंभीर खतरा होने पर प्रयासों को तेज करते हैं


ब्रंडलैंड की रिपोर्ट में कहा गया था, 'समीक्षा की गई कई सिफारिशों को खराब तरीके से लागू किया गया था या बिल्कुल भी लागू नहीं किया गया था, इनमें गंभीर अंतर बने हुए थे. जब महामारी की बात आती है तो हमने घबराहट और उपेक्षा के एक चक्र की अनुमति दी है. हम गंभीर खतरे होने पर प्रयासों को तेज करते हैं, फिर खतरे के कम होने पर जल्दी से उनके बारे में भूल जाते हैं. यह कार्य करने का अच्छा समय है.'

अभी बहुत देर नहीं हुई है
ब्रंडलैंड जीपीएमबी की सह अध्यक्ष हैं. बीबीसी के रेडियो 4 से बात करते हुए उन्‍होंने कहा, 'अब हमारे पास जो चेतावनी है, वह एक खतरनाक तबाही है. हमने दुनिया की तैयारियों में बड़े चौंकाने वाले अंतराल देखे और बहुत वास्तविक खतरे के सच्‍चे साक्ष्य पाए. उन्होंने कहा, 'बहुत देर नहीं हुई है, लेकिन हमें इस तथ्य से निपटना है कि हम पहले से ही इसमें हैं, जिसका अर्थ है कि धन जुटाने पर जोर देना और आवश्‍यक उपकरणों की जरूरत है पर ध्‍यान केंद्रित करना.'

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First published: March 30, 2020, 12:37 AM IST
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