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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की Corona वैक्सीन के ट्रायल पर चाहिए और डाटा : WHO

कॉन्सेप्ट इमेज.
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ऑक्सफोर्ड और कोरोना वायरस वैक्सीन (Corona Vaccine) के ट्रायल के और डाटा की जरूरत होगी. WHO के वैज्ञानिकों ने माना है कि ट्रायल का डेटा कम है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 29, 2020, 6:46 PM IST
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जेनेवा. एक ओर जहां ऑक्सफोर्ड-AstraZeneca की कोरोना वायरस वैक्सीन को घातक महामारी से बचने का सबसे असरदार हथियार माना जा रहा था. अब अमेरिका में एक्सपर्ट्स के वैक्सीन पर चिंता जाहिर करने के बाद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ-साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वैज्ञानिकों ने इसकी सुरक्षा और असर का आकलन करने के लिए और ज्यादा डाटा की जरूरत बताई है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रफेसर सर जॉन बेल ने CNBC को बताया है, 'प्रेस रिलीज के जरिए साइंटिफिक नतीजों के ऐलान में समस्या रहती है और वह समस्या यह है कि आपके पास पूरा डेटा नहीं होता है और लोग सही से डेटा को देख-समझ नहीं पाते हैं.'

WHO में इम्यूनाइजेशन, वैक्सीन और बायलॉजिकल्स डायरेक्टर केट ओ ब्रायन ने भी बेल से सहमति जताई है. केट ने कहा है, 'प्रेस रिलीज में सिर्फ सीमित जानकारी दी जा सकती है और वैक्सीन इम्यून रिस्पॉन्स कैसे पैदा करती है, इसकी तरह और भी ज्यादा जानकारी चाहिए होती है.' जेनेवा मुख्यालय में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान केट ने बताया कि प्रेस रिलीज के बारे में जो समझा जा रहा है, उसमें काफी दिलचस्प चीज पाई गई है लेकिन जो अंतर देखे गए हैं उनके पीछे कई कारण हो सकते हैं.

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वहीं, WHO की चीफ साइंटिस्ट डॉ. सौम्या स्वामिनाथन ने कहा है, 'AstraZeneca के ट्रायल के आंकड़े किसी नतीजे पर पहुंचने के लिए बहुत कम हैं.' बता दें कि वैक्सीन की कम खुराक में 3000 से कम प्रतिभागी शामिल थे जबकि बड़े ट्रायल में 8000 से ज्यादा. स्वामिनाथन के मुताबिक कम खुराक के साथ बेहतर असर के लिए ट्रायल की जरूरत होगी.
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