सोशल मीडिया के जरिए संवेदनशील जानकारी बेच रहे हैं पाकिस्तानी, अब लगेगा बैन

सोशल मीडिया के जरिए संवेदनशील जानकारी बेच रहे हैं पाकिस्तानी, अब लगेगा बैन
पाकिस्‍तान में सरकारी दफ्तरों में सोशल साइट के इस्‍तेमाल को गंभीरता से लेते हुए इसके बैन किए जाने की बात की जा रही है.

सूचना प्रौद्योगिकी बोर्ड ने सिफारिश की थी कि सरकार सामाजिक नेटवर्किंग वेबसाइटों जैसे ट्विटर, व्हाट्सएप, फेसबुक और यूट्यूब पर सरकारी कार्यालयों में इनके इस्‍तेमाल पर प्रतिबंध लगाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2020, 4:06 PM IST
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इस्‍लामाबाद. विदेशी समाचार एजेंसियों द्वारा गोपनीय दस्‍तावेजों के लीक होने और साइबर हमलों से बचाव के लिए पाकिस्‍तान (Pakistan) सरकार ने सोशल नेटवर्किंग ऐप्स के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. इसके लिए राज्‍य सरकारों को निर्देश जारी कर दिया गया है. वहीं सिंध (Sindh) की सरकार भी इस संबंध में एहतियाती कदम उठाते हुए दफ्तर में व्हाट्सएप (WhatsApp) समेत अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है.

नेशनल टेलिकॉम एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी बोर्ड, कैबिनेट डिविजन, पाकिस्तान सरकार द्वारा व्हाट्सएप के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने और आधिकारिक पत्र और सूचना साझा करने से रोकने से संबंधित एक पत्र जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि शत्रुतापूर्ण खुफिया एजेंसियों ने देश में सरकारी विभागों, संस्थानों और मंत्रियों के अधिकारियों के मोबाइल फोन में स्‍टोर संवेदनशील जानकारी तक
पहुंचने के लिए सक्षम तकनीकी साधन विकसित किए हैं.

इसमें कहा गया है कि 'ये स्पाईवेयर कंपनियां हैकिंग सॉफ्टवेयर्स और एप्लिकेशन जैसे चैट लाइन और पेगासस मॉलवेयर का इस्‍तेमाल मोबाइल फोन की निजी और संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने के लिए मोबाइल फोन (आईओएस और एंड्रॉइड) के व्हाट्सएप अकाउंट को हैक करने की जुगत में हैं. यह मॉलवेयर किसी भी मोबाइल फोन को केवल व्हाट्सएप नंबर पर मिस्ड कॉल भेजने भर से हैक करने में सक्षम है.
इसमें चेताया गया है कि 'इस पेगासस मॉलवेयर ने पाकिस्तान सहित बीस देशों में लगभग 1400 वरिष्ठ और सैन्य अधिकारियों को अपना निशाना बनाया है. पेगासस मालवेयर द्वारा किसी भी संक्रमण की संभावना को कम करने के लिए राष्ट्रीय दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा बोर्ड, कैबिनेट डिवीजन द्वारा सभी सरकारी विभागों और मंत्रियों को इस विषय में एक एडवाइजरी सलाह जारी की गई है.



आईओएस एंड्रोइड को अपग्रेड करने की बात कही
यही वजह है कि पाकिस्‍तान में फिलहाल व्हाट्सएप या इसी तरह की किसी दूसरी सोशल साइट या मैसेंजर पर कोई भी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की जा रही है. इस एडवाइजरी में व्‍हाट्सऐप और आईओएस एंड्रोइड को भी अपग्रेड किए जाने की बात कही गई है. साथ ही कहा गया है कि एहतियात के तौर पर 10 मई, 2019 से पहले खरीदे गए सभी मोबाइल फोन को तुरंत बदलने की बात कही गई है. आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि बुधवार को सिंध सरकार ने इस एडवाइजरी को गंभीरता से लेते हुए इसे तत्काल कार्यान्वयन के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया है.

आईटी बोर्ड ने की बैन की सिफारिश
नवंबर में सूचना प्रौद्योगिकी बोर्ड ने सिफारिश की थी कि सरकार सामाजिक नेटवर्किंग वेबसाइटों जैसे ट्विटर, व्हाट्सएप, फेसबुक और यूट्यूब पर सरकारी कार्यालयों में इनके इस्‍तेमाल पर प्रतिबंध लगाए. नेशनल असेंबली की स्थायी समिति को बोर्ड ने यह सलाह भी दी है कि देश भर में नकली समाचारों के प्रसार से निपटने के लिए एक अलग प्राधिकरण का गठन किया जाना चाहिए. रिपोर्टों के मुताबिक प्रौद्योगिकी बोर्ड ने स्थायी समिति को बताया कि सरकारी कर्मचारी कार्यालय के समय में सोशल वेबसाइटों पर लगे रहते हैं. यहां तक ​​कि उनके लिए पार्टटाइम काम भी हैं.

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