अमेरिका में जहरीली चिट्ठी भेजने के आरोप में महिला हुई गिरफ्तार

अमेरिका में जहरीली चिट्ठी भेजने के आरोप में महिला को गिरफ्तार कर लिया गया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
अमेरिका में जहरीली चिट्ठी भेजने के आरोप में महिला को गिरफ्तार कर लिया गया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अमेरिका में एक महिला को जहरीले रसायन लगी चिट्ठी (Poisionous Letter) भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इस महिला को न्यूयॉर्क-कनाडा सीमा (Arrested on NewYork Canada Border) पर गिरफ्तार किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 5:29 PM IST
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वाशिंगटन. अमेरिका में एक महिला को जहरीले रसायन लगी चिट्ठी (Poisionous Letter) भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इस महिला को न्यूयॉर्क-कनाडा सीमा (Arrested on NewYork Canada Border) पर गिरफ्तार किया गया है. लॉ एनफोर्समेंट अधिकारियों ने रविवार को द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि इस महिला को बफेलो के पास पीस ब्रिज की सीमा पर अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा अधिकारियों ने हिरासत में लिया है. महिला पर फेडरल चार्जेज लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है और इसका नाम भी सार्वजानिक नहीं किया गया है.

पत्र की संदिग्ध हालत देखकर इसे रोक लिया गया

व्हाइट हाउस पहुंचने से पहले ही इस पत्र को इस सप्ताह के अंत में ही रोक लिया गया था. व्हाइट हाउस को संबोधित इस पत्र को कनाडा से भेजा गया था. व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को संबोधित सभी पत्रों को स्क्रीनिंग करने वाली सेवा में इस पत्र को संदिग्ध जानकार रोक लिया गया था और प्रारम्भिक जांच में पाया गया कि इस पत्र पर रिकिन नाम का जहर लगा हुआ है.



इस तरह के जहर लगे पत्रों को भेजने का इतिहास रहा है
इससे पहले भी ऐसे कई उदाहरण हैं जिनमें अमेरिकी अधिकारियों को पत्र के माध्यम से रिकिन भेजा गया है. नौसेना के एक सैनिक को 2018 में इसी आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उसने ट्रम्प और उनके प्रशासन के सदस्यों को जहर लगे लिफाफे भेजने की बात कबूल की थी. इस पत्र को भी आरम्भिक जांच में ही रोक लिया गया था और इस तरह किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा.

जहरीले पत्र भेजने के लिए 25 साल की हुई जेल

वर्ष 2014 में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और अन्य अधिकारियों को रिकिन के साथ धूल भरे पत्र भी भेजे गए थे. यह व्यक्ति मिसिसिपी से था और बाद में इस व्यक्ति को 25 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. इस तरह के जहर लगे पत्रों को भेजने का उद्देश्य किसी की हत्या करना ही है. राष्ट्रपति की हत्या भी इसका एक उद्देश्य माना जाना चाहिए.

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इस मामले में अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से चल रही जांच पर चर्चा करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है इसलिए उन्होंने अपना नाम न छापने की शर्त पर बात की है.
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