Berut Blast: महिला पत्रकार ने ली पहली तस्वीर, उसके सिर से रिस रहा था खून

Berut Blast: महिला पत्रकार ने ली पहली तस्वीर, उसके सिर से रिस रहा था खून
लेबनान के राष्ट्रपति ने कहा-बेरूत विस्फोट में बाहरी हाथ हो सकता है.

लेबनान की राजधानी बेरुत में हुए धमाके (Lebanon Explosion) में आयत बसमा (Aayat Basma) घायल हो गईं. उनके सिर पर कांच से चोट लग गई और खून रिसने लगा. वे उसी हालत में हादसे की तस्वीर लेने गलियों में चली गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 9, 2020, 1:49 PM IST
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बेरुत. कल्पना कीजिये कि आप अपने घर में एक कमरे में खड़े हैं और अचानक एक धमाके की वजह से आप जमीन पर गिर जाते हैं. आपके पास खड़ी अलमारी जोर से गिर जाती है और उसका कांच आपके माथे पर एक गहरा जख्म बना देता है जिसमें से खून रिसने लगता है. आप अचानक उठ खड़े होते हैं. माथे का खून साफ़ कर कैमरा उठाकर आसपास की घटनाओं को फिल्माना शुरू कर देते हैं. यह सब हुआ रायटर की वरिष्ठ टेलीविजन निर्माता आयत बसमा के साथ. आयत (Aayat Basma) ने बेरुत शहर (Berut City) के बंदरगाह पर हुए धमाके (Lebanon Explosion) की सबसे पहली तस्वीरें अपने कमरे से लीं.

शहर का एक बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया

बेरूत बंदरगाह पर 2,750 टन अमोनियम नाइट्रेट जलने पर एक धमाका हुआ जिससे कम से कम 150 लोगों की मौत हो गई और शहर का एक बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया. आयत ने कहा कि मैं जमीन पर पड़ी हुई थी और हर तरफ बजते कार के अलार्म के सायरन की आवाजें सुन रही थी. उस दिन मंगलवार को आयत ने एक दिन की छुट्टी ले ली थी इसलिए वे घर पर थीं. उन्होंने बताया कि अचानक मुझे लगा कि मैं मरना नहीं चाहती और तभी एड्रेनालाईन ने मेरे मन में लात मारी. सिर में गहरा घाव होने से लगातार खून बह रहा था और बाल गीले होने के बावजूद आयत जल्दी से गली में पहुंची और अपने एकमात्र कैमरा जो उनके स्मार्टफोन में था से आसपास की घटनाओं को फिल्माने लगी.



खून से लोग कांच के टूटे टुकड़ों पर चढ़े हुए थे
आयत ने देखा कि डरे सहमे और खून से सने लोग कांच के टूटे टुकड़ों पर चढ़े हुए थे. कुछ लोग घायल रिश्तेदारों को अस्पताल ले जाने के लिए आसपास की कारों के ड्राइवरों से भीख मांग रहे थे. उनकी बिल्डिंग के बिलकुल बराबर वाली बिल्डिंग की छत उड़ गई थी. जिस किसी ने ऊपर देखा उसने बताया कि आग के गोले ने ऊपर जाकर आकाश को नारंगी और सफेद मशरूम बादल के आकार में बदल दिया. आयत ने कहा कि मेरे आसपास पड़ोसी चिल्ला रहे थे. बच्चे रो रहे थे और मुझे बस कांच के टुकड़ों पर कारों के घिसटने की आवाजें डरा रही थीं. फिर भी मेरे मन में एक ही बात थी कि इस सब को फिल्माओ और भेजो, फिल्माओ और भेजो.

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आयत ने बताया कि पत्रकार के रूप में हम लोग आमतौर पर एक लेंस के माध्यम से या नोटबुक में घटनाओं के बारे में लिखते हैं और निरीक्षण करते हैं. लेकिन इस हफ्ते रॉयटर बेरुत ब्यूरो के हमारे क्षेत्रीय मुख्यालय में हमारे सहयोगियों को इस खबर को कवर करने के लिए लगा दिया गया और उन्होंने घटना स्थल पहुंचकर कई घंटे सड़कों पर बिताए, जबकि उनके घर पर उनके परिवारवाले भी घायल और सदमे में थे.
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