बाइडन प्रशासन पर बढ़ते दवाब के बीच अमेरिका बोला- कोरोना के खिलाफ भारत की मदद के लिए कर रहे काम

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (फाइल फोटो)

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (फाइल फोटो)

COVID-19 Pandemic: अमेरिकी विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विभिन्न सांसद और जानेमाने भारतीय-अमेरिकी द्वारा कोविड-19 वैक्सीन सहित दूसरी जीवनरक्षक दवाइयां भारत भेजने की मांग उठाए जाने के कारण बाइडन प्रशासन पर काफी दबाव है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 25, 2021, 10:38 AM IST
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वाशिंगटन. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के खिलाफ लड़ाई में भारत को अतिरिक्त सहायता प्रदान करेगा. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी प्रशासन भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है. अमेरिकी विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विभिन्न सांसद और जानेमाने भारतीय-अमेरिकी द्वारा कोविड-19 वैक्सीन सहित दूसरी जीवनरक्षक दवाइयां भारत भेजने की मांग उठाए जाने के कारण बाइडन प्रशासन पर काफी दबाव है.

अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने कहा, 'कोविड के इस भयानक प्रकोप के बीच भारतीय लोगों के लिए हमारा दिल बैठा जा रहा है. हम भारत सरकार में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और हम जल्द ही भारत के लोगों और भारतीय हेल्थकेयर हीरो के लिए अतिरिक्त सहायता त्वरित रूप से जारी करेंगे.'

वहीं व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका इस वैश्विक महामारी से जूझ रहे भारत के लोगों के प्रति गहरी सहानुभूति रखता है. साकी ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'हम संकट से निपटने के तरीकों की पहचान के लिए भारतीय अधिकारियों के साथ राजनीतिक एवं विशेषज्ञ दोनों स्तर पर करीब से काम कर रहे हैं.' उन्होंने कहा कि अमेरिका ने क्वाड समूह के अपने साझेदारों के साथ टीका सहयोग को बड़ी प्राथमिकता बनाया है. साकी ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'भारत भविष्य में टीका उत्पादन एवं वितरण पर चर्चा के लिए निश्चित तौर पर हमारे क्वाड साझेदारों में से एक है. हमने कोवैक्स के लिए भी अरबों डॉलर दिए हैं.'

अमेरिकी विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे वक्त आया है कि जब एस्ट्राजेनेका वैक्नीस और कई जीवनरक्षक चिकित्सीय आपूर्तियों के साथ अन्य कोविड-19 टीकों को भारत भेजे जाने को लेकर कई वर्गों की तरफ से बाइडन प्रशासन पर अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा है. दबाव बनाने वालों में शक्तिशाली अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स, सांसद एवं प्रख्यात भारतीय-अमेरिकी शामिल हैं.
यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स में अंतरराष्ट्रीय मामलों के प्रमुख एवं कार्यकारी उपाध्यक्ष मायरोन ब्रिलिएंट ने कहा, 'विश्व भर के देशों में कोविड वैश्विक महामारी भारी तबाही मचा रही है, ऐसे में यूएस चैंबर प्रशासन को भंडार में पड़ी लाखों एस्ट्राजेनेका टीके की खुराकों के साथ ही अन्य जीवनरक्षक प्रणालियों को वैश्विक महामारी से अत्यधिक प्रभावित भारत, ब्राजील को भेजे जाने के लिए दृढ़ता से प्रोत्साहित करता है.' उन्होंने कहा कि टीकों की इन खुराकों की अमेरिका में जरूरत नहीं होगी जहां ऐसा अनुमान है कि टीका उत्पादक प्रत्येक अमेरिकी को टीका लगाने के लिहाज से जून की शुरुआत में पर्याप्त खुराकें बना लेंगे.



ब्रिलिएंट ने कहा कि यह कदम कोवैक्स जैसी पहलों समेत अन्य मोर्चों पर अमेरिकी नेतृत्व को मजबूत बनाएगा. उन्होंने कहा कि हम दुनिया भर के साझेदारों के साथ काम करते हैं क्योंकि कोई भी महामारी से तब तक सुरक्षित नहीं है जब तक कि हम सभी इससे सुरक्षित न हो जाएं.



वहीं कांग्रेस सदस्य राशिदा तालिब ने ट्वीट किया कि भारत में कोविड-19 का संकट इस बात की याद दिलाता है कि वैश्विक महामारी तब तक खत्म नहीं होगी जब तक कि पूरी दुनिया इससे सुरक्षित न हो जाए. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बाइडन को 'अब वैश्विक उत्पादन को बढ़ाने के लिए पेटेंट में छूट का समर्थन करना चाहिए.'

ये बयान विदेश मंत्री एस जयशंकर की अपील के बाद आए हैं, जिन्होंने कोविड-19 के खिलाफ जंग में वैश्विक मदद की गुहार लगाई थी. अमेरिकी विदेश मंत्रालय की उपप्रवक्ता जलीना पोर्टर ने संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका आवश्यक आपूर्तियों को भेजने के लिए भारत के साथ करीब से काम कर रहा है और आपूर्ति श्रृंखलाओं की रुकावटों से भी निपट रहा है.
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