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दुनिया के इकलौते सफेद जिराफ को शिकारियों से बचाने को पहनाई ट्रैकिंग डिवाइस

अफ्रीकन वाइल्डलाइफ फाउंडेशन के मुताबिक पिछले 30 सालों में जिराफ की आबादी में 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है.
अफ्रीकन वाइल्डलाइफ फाउंडेशन के मुताबिक पिछले 30 सालों में जिराफ की आबादी में 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है.

बीते मार्च महीने में शिकारियों ने एक सफेद मादा जिराफ (Giraffe) और उसके बच्चे को मार डाला था, जिसके बाद एकमात्र ज्ञात जीवित सफेद जिराफ बचा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 16, 2020, 9:38 PM IST
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नई दिल्ली. दुनिया की एकमात्र शेष जीवित और ज्ञात सफेद जिराफ को ट्रैकिंग डिवाइस पहनाई गई है. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक सफेद जिराफ को शिकारियों से बचाने के लिए ये ट्रैकिंग डिवाइस पहनाई गई है. सफेद जिराफ अपनी नस्ल का आखिरी जीवित जिराफ है. मार्च महीने में शिकारियों ने एक मादा सफेद जिराफ और उसके बच्चे को मार डाला था. केन्या के इशाकबिनी कंजर्वेशन में साल 2017 में सफेद रंग के जिराफ देखे गए थे. इनमें से एक मादा जिराफ अपने बच्चे के साथ थी. फॉरेस्ट रेंजर्स को उत्तर-पूर्वी केन्या में गरिसा काउंटी के एक गांव में मादा और उसके बच्चे का शव मिला था.

ट्रैकिंग डिवाइस सफेद जिराफ की एक सिंग पर लगाई गई है और इसके जरिए हर घंटे अपडेट्स मिलती रहेगी. इशाकबिनी हिरोला कम्युनिटी कंजर्वेंसी ने अपने बयान में कहा है कि सफेद जिराफ इस समय पूर्वी केन्या के गरीसा काउंटी में रह रहा है. रेंजर्स अब डिवाइस के जरिए उसकी लोकेशन पर आराम से निगरानी रख सकेंगे. हिरोला कम्युनिटी कंजर्वेंसी के मैनेजर अहमद नूर ने कहा कि जिराफ की लोकेशन में इस बार अच्छी बारिश हुई है और पर्याप्त हरियाली के चलते उसका भविष्य अच्छा दिख रहा है.

सीनियर वाइल्डलाइफ मॉनिटरिंग ऑफिसर एंटनी वंडेरा ने कहा कि हमारा लक्ष्य सामुदायिक रूप से काम करना है. लोगों को सतर्क और जागरूक करना है. ताकि उनकी जीविका भी चलती रहे और एकमात्र जीवित और ज्ञात सफेद जिराफ जैसे अनोखे जीव जंतु भी बचे रहे.



ये जिराफ ल्यूसिज़्म नामक एक जेनेटिक बीमारी से पीड़ित थे, जो त्वचा की कोशिकाओं के पिग्मेंटेशन (त्वचा का मूल रंग ना होना) को रोकती है. इस वजह से इनका रंग सफेद होता है. सामान्य तौर पर जिराफ पहले से ही संकटग्रस्त जानवरों की श्रेणी में आता है.

अफ्रीकन वाइल्डलाइफ फाउंडेशन के अनुमान के मुताबिक पिछले 30 सालों में जिराफ की आबादी में 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है.
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