महिला को गले में हो रहा था दर्द, टोंसिल से जो निकला देखकर डॉक्टर भी रह गए हैरान

महिला को गले में हो रहा था दर्द, टोंसिल से जो निकला देखकर डॉक्टर भी रह गए हैरान
महिला के गले से निकला राउंडवॉर्म.

डॉक्टर्स ने महिला के गले से कीड़ा निकालने के बाद कहा कि गले का इंफेक्शन (Infection) अन्य बीमारियों का ट्रीटमेंट करने से ज्यादा अच्छा होता है. इसमें कोई फार्माकोलोजिकल इंटरवेंशन करने की जरूरत नहीं होती.

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टोक्यो. मछली खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन तब क्या हो जब इसे खाकर आपकी जान पर ही बन आए. ऐसा ही वाक्या जापान की एक महिला के साथ हुआ. 25 साल की इस महिला ने जब अपनी पसंदीदा मछली (Fish) को खाया तो उसने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उसके साथ क्या होने वाला है. दरअसल, ये महिला मछली खाने के अगले दिन गले में दर्द की शियायत लेकर डॉक्टर के पास पहुंची. डेली स्टार में छपी एक न्यूज के अनुसार, जब डॉक्टर ने उसकी जांच की तो पहले उन्हें लगा कि उसे टोंसिल के कारण दर्द है लेकिन बाद में पाया कि उसके गले के अंदर 38 मिलिमीटर लंबा और एक मिलिमीटर लंबा राउंडवॉर्म (Roundworm) था. डॉक्टर और महिला इस कीड़ें को देखकर हैरान हो गए. आखिर इतना लंबा कीड़ा गले में कैसे आया या पैदा हुआ.

बाद में पता चला कि महिला ने पांच दिन पहले सशीमी नाम की एक डिश खाई थी. यह डिश कच्चे मीट या फिश की बनती है. जापान में सशीमी को अच्छी डिश माना जाता है. कच्ची डिश होने की वजह से इसमें रहने वाले कीड़ें संभवतः ह्युमेन बॉडी में चले जाते हैं. शायद महिला के साथ भी ऐसा ही हुआ है. डिश खान के पांच दिन महिला के गले में दर्द हो रहा था, जिसके चलते वह डॉक्टर के पास गई. डॉक्टर ने उनका ब्लड टेस्ट करवाया, जोकि नॉर्मल आया. लेकिन शारीरिक परीक्षण के दौरान महिला के बाईं टोंसिल में डॉक्टर को हैरान करने वाली चीज नजर आई. महिला के गले में एक 38 मिलिमीटर लंबा और एक मिलिमीटर चौड़ा कीड़ा दिखाई दिया. जिसकी बॉडी काली थी. डॉक्टर ने इस कीड़े का डीएनए पीसीआर टेस्ट किया तो पता चला की यह 'स्यूडोतेर्रानोवा अजारसी' नामक प्रजाति कीड़े के चौथे स्टेज का लार्वा है.

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क्या बोले डॉक्टर
डॉक्टर्स ने महिला के गले से कीड़ा निकालने के बाद कहा कि गले का इंफेक्शन अन्य बीमारियों का ट्रीटमेंट करने से ज्यादा अच्छा होता है. इसमें कोई फार्माकोलोजिकल इंटरवेंशन करने की जरूरत नहीं होती. मुंह के रास्ते ही इस कीड़े को निकाल दिया गया. यह पेट के रास्ते निकालने से ज्यादा आसान था.
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