अलर्ट! मास्क पहन कर रनिंग कर रहे शख्स के फेफड़े फटे, बाएं से दाएं खिसका दिल

मास्क पहन कर रनिंग कर रहे शख्स के फेफड़े ख़राब हुए
मास्क पहन कर रनिंग कर रहे शख्स के फेफड़े ख़राब हुए

कोरोना संक्रमण (Covid-19) के सेंटर रहे वुहान (Wuhan) में बीते दिनों मास्क पहन कर रनिंग कर रहे शख्स के फेफड़े दबाव के चलते फट गए और फिलहाल वह अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है. इससे पहले भी 14 साल के एक लड़के की मास्क पहन कर रनिंग करने के चलते कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गयी थी.

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बीजिंग. कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के दुनिया भर में फैलने के बाद लोगों को घरों से निकलने से पहले मास्क (Mask) पहनने की हिदायत दी जा रही है. हालांकि अब इसके नुकसान भी सामने आने लगे हैं. कोरोना संक्रमण (Covid-19) के सेंटर रहे वुहान (Wuhan) में बीते दिनों मास्क पहन कर रनिंग कर रहे शख्स के फेफड़े दबाव के चलते फट गए और फिलहाल वह अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है. इससे पहले भी 14 साल के एक लड़के की मास्क पहन कर रनिंग करने के चलते कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गयी थी. बीजिंग (Beijing) के मास्क पहनने की अनिवार्यता समाप्त करने के पीछे यही वजह मानी जा रही है.

न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक 26 वर्षीय ये व्यक्ति करीब तीन मील तक दौड़ चुका था और अचानक उसके फेफड़ों पर दबाव बढ़ गया और उन्होंने काम करना बंद कर दिया. इसके बाद ये पार्क में ही बेहोश हो गया और इसे वुहान सेन्ट्रल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. फिलहाल इस शख्स के फेफड़ों की तीन अहम सर्जरी की गयीं हैं. डॉक्टर्स के मुताबिक मास्क पहन कर रनिंग करने के चलते उसके बाएं फेफड़े में छेद हो गया था और वहां से हवा निकलने लगी थी. इस दबाव का असर दिल पर भी पड़ा और वह भारी दबाव के चलते बाएं से दाएं खिसकने लगा, जिससे फेफड़ों को और भी ज्यादा नुकसान है. इससे पहले चीन के ही बीजिंग में भी एक 14 साल के बच्चे की मास्क लगाकर दौड़ने से मौत हो गयी थी.

इस स्थिति को कहते हैं न्यूमोथ्रोक्स
डॉक्टर्स के मुताबिक फेफड़े पंक्चर हो जाने की स्थिति को न्यूमोथ्रोक्स कहा जाता है. इसमें फेफड़े पंक्चर हो जाते हैं और हवा फेफड़े और चेस्ट वॉल के बीच में भर जाती है. इसके बाद आदमी के फेफड़े कम करना बंद कर देते हैं और उसे सांस लेने में तकलीफ होती है. इस स्थिति में इंसान की मृत्यु हो जाती है. डॉक्टर्स के मुताबिक मास्क पहन कर रनिंग करने से फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है और ऑक्सीजन भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाती. ऐसे रनिंग करने से फेफड़ों को क्षमता से ज्यादा काम करना पड़ता है और वे जवाब दे देते हैं.
बीजिंग ने कहा कि बाहर निकलने पर मास्क पहनना ज़रूरी नहीं


कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए महीनों तक मास्क पहनने को मजबूर बीजिंग के लोग अब बाहर निकलने पर खुली हवा में बिना मास्क के सांस ले सकेंगे क्योंकि यहां बाहर निकलने पर इसे पहनने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है. कोविड-19 के दुनियाभर में प्रकोप के बीच बीजिंग चीन का और शायद दुनिया का ऐसा कदम उठाने वाला पहला शहर है. इससे संकेत मिलते हैं कि चीन की राजधानी में कोरोना वायरस संबंधी हालात काबू में हैं. 'चाइना डेली' की खबर के मुताबिक 'बीजिंग सेंटर फॉर डिसीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल' ने इस बारे में नए दिशा-निर्देशों की घोषणा की है. केन्द्र ने कहा है कि लोगों को बाहर निकलने पर मास्क पहनने की जरूरत नहीं है लेकिन अब भी उन्हें नजदीकी संपर्क से बचकर रहना चाहिए.

 

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