जिनपिंग ने UN में लिया संकल्प, कहा- 40 सालों में चीन कार्बन न्यूट्रल देश होगा

शी जिनपिंग ने यह संकल्प लिया है कि वह चीन 40 सालों में कार्बन न्यूट्रल देश बना देगा. (फाइल फोटो)
शी जिनपिंग ने यह संकल्प लिया है कि वह चीन 40 सालों में कार्बन न्यूट्रल देश बना देगा. (फाइल फोटो)

ग्रीनहाउस गैसों (Greenhouse Gases) के दुनिया के सबसे बड़े प्रदूषक देश चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) ने 2060 तक कार्बन न्यूट्रल (Carbon Neutral) बनाने का संकल्प लिया है.

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  • Last Updated: September 26, 2020, 11:42 AM IST
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बीजिंग. ग्रीनहाउस गैसों (Greenhouse Gases) के दुनिया के सबसे बड़े प्रदूषक देश के नेता ने 2060 तक कार्बन न्यूट्रल (Carbon Neutral) बनाने का संकल्प लिया है. यह संकल्प चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) ने लिया है. जिनपिंग ने वीडियो लिंक के जरिये यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेम्बली को संबोधित करते हुए ग्रीन रिवोल्यूशन की अपील की. उन्होंने कहा कि पेरिस में पर्यावरण समझौते के अनुसार देश में ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी लाई जाएगी और देश को आगामी 40 वर्षों में कार्बन न्यूट्रल बना लिया जाएगा. उन्होंने दुनिया के 187 देशों से कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए संकल्प लेने की अपील है.

'आगामी 10 सालों में कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने पर शीर्ष पर होगा चीन'

जिनपिंग ने कहा कि चीन का लक्ष्य है कि इस दशक के खत्म होने से पहले कार्बन उत्सर्जन कम करने वाले देशों में वह शीर्ष पर होगा और आगामी 40 वर्षों में कार्बन न्यूट्रिलिटी हासिल कर लेगा. यह पहली बार हुआ है कि चीन खुद के लिए जीरो कार्बन डाइआक्साइड उत्सर्जन करने की ठोस योजना बनाई है.



चीन कार्बन उत्सर्जन को कम करने के मामले में गंभीर: शी जिनपिंग
जिनपिंग ने कहा कि चीन कार्बन उत्सर्जन को कम करने को लेकर गंभीर है और वह इसे लागू करने के लिए कठोर नीतियां बना रहा है और इसे हर हाल में लागू करेगा. उन्होंने सभी देशों से अपील करते हुए कहा कि सभी देशों को नए, सहयोगात्मक रवैये के साथ हरित क्रांति को बढ़ावा देना चाहिए.



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गौरतलब है कि चीन प्लानेट-वार्मिंग गैसों का दुनिया का सबसे बड़ा योगदानकर्ता है. चीन दुनिया के किसी दूसरे देशों की तुलना में सबसे कोयले का उपयोग करता है. लेकिन देश रिन्यूबल एनर्जी के मामले में भी विश्व नेता है और हाल के वर्षों में चीन ने पर्यावरण को लेकर कार्रवाई पर एक मजबूत सार्वजनिक रुख अपनाया है.
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