जापान के नए PM योशिहिदे सुगा सुबह 100 सिटअप लगाते हैं, ऐसे करते हैं दिन की शुरूआत

जापान के नए PM योशिहिदे सुगा सुबह 100 सिटअप लगाते हैं, ऐसे करते हैं दिन की शुरूआत
जापान के नए प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा

जापान में शिंजो आबे (Shinzo Abe) के इस्तीफे के बाद अब योशिहिदे सुगा (Yoshihide Saga) नए प्रधानमंत्री बने हैं. उनका नौकरशाहों के बीच दबदबा है. यही वजह है उन्हें आयरन वॉल के नाम से पुकारा जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 16, 2020, 5:56 PM IST
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टोक्यो. किसी ने नहीं सोचा होगा कि जापान (Japan) में चीजें इस तरह से बदल जाएगी. इस देश के प्रधानमंत्री शिंजो आबे (Shinzo Abe) इस तरह ओलम्पिक खेलों से पहले पद छोड़कर चले जाएंगे. इसके अलावा बहुत कम लोगों ने सोचा होगा कि योशिहिदे सुगा (Yoshihide Saga) नए प्रधानमंत्री (Prime Minister) बनेंगे. योशिहिदे से जब पूछा गया कि आप खुद को अच्छा आदमी समझते हैं? इस पर उनका कहना था कि हाँ जो लोग अपना काम ठीक ढंग से करते हैं, उनके लिए मैं अच्छा हूं.

योशिहिदे को आयरन वॉल भी कहा जाता है

जापान के पत्रकारों के बीच योशिहिदे को आयरन वॉल (Iron Wall) कहा जाता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि जिन सवालों को वह पसंद नहीं करते, उसका जवाब देने से मना कर देते हैं. अर्थशास्त्री जेस्पर कोल कहते हैं कि लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (Liberal Democratic Party) ने पर्दे के पीछे से सत्ता के लिए योशिहिदे को प्रधानमंत्री के लिए चुना क्योंकि अन्य कोई विकल्प नहीं था.



जापानी नौकरशाही में कड़ाई के लिए जाने जाते हैं
ऐसा भी नहीं कह सकते कि सुगा को राजनीति का अनुभव नहीं है. जापान कैबिनेट में वह सेक्रेटरी रहे हैं. वह जापानी नौकरशाही में कड़ाई और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं. टोक्यो की सोफिया यूनिवर्सिटी (Sophia University) प्रोफ़ेसर कोइची नाकानो ने कहते हैं कि योशिहिदे के पास नौकरशाहों को नियंत्रित करने और विरोधियों को डराने का राजनीतिक कौशल है. जब लोअर हाउस इलेक्शन की बात आए तो वह इसके लिए नहीं जंचते.

सुगा सुबह 100 सिटअप लगाते हैं

सुगा ऐसे व्यक्तित्व हैं जो सुबह पांच बजे उठकर 100 सिटअप करते हैं और सभी अख़बारों को पढ़ते हैं. वह 6 बजकर 30 मिनट से वह बाहरी इकोनोमिस्ट्स, बिजनेसमैन और सलाहकारों के साथ मीटिंग्स करते हैं. सरकार में आने वाली किसी भी बाधा को वह पसंद नहीं करते.

स्ट्रॉबेरी पैदा करने वाले किसान थे पिता

वह जापान के नॉर्थ में स्थित स्नोवी (Snowy) में जन्मे थे. उनके पिता स्ट्रॉबैरी किसान थे. अठारह साल की उम्र में उन्होंने टोक्यो छोड़ दिया और कार्डबोर्ड फैक्ट्री में काम करने लगे. यूनिवर्सिटी के खर्चे के लिए यह सेविंग्स करते थे.

शिंजो आबे की पहली पसंद थे सुगा

प्रोफ़ेसर नाकानो के अनुसार वह राजनीति में नहीं आते लेकिन शिंजो आबे की पहली पसंद वही थे. आपातकाल में पार्टी के बॉस उनके पीछे हैं लेकिन इसके बाद जो चाहते हैं, वह नहीं मिलने पर पावर (Power) संघर्ष होगा. कई युवा चेहरे हैं जो इंतजार कर रहे हैं कि मिस्टर सुगा कब गलती करे.

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शिंजो आबे की उपलब्धि यह है कि उन्होंने जापान की राजनीति को स्थिरता प्रदान की है. उनसे पहले जापान ने पिछले 30 सालों में 19 प्रधानमंत्री देखे हैं. उनके जाने से एक नुकसान यह है कि जापान में गुटबाजी शुरू होकर अल्पकालीन सरकारों का समय वापस आ सकता है. हालांकि इतना जल्दी ऐसा होने की कम संभावना है.
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