जापान के अगले प्रधानमंत्री होंगे योशीहिदे सुगा, पार्टी में 70 फीसदी सदस्यों का समर्थन मिला

जापान का अगला प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा का बनना तय हो गया है.

जापान का अगला प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा का बनना तय हो गया है.

जापान की गवर्निंग पार्टी (Liberal Democratic Party) ने शिंजो आबे (Shinzo Abe) के उत्तराधिकारी के रूप में योशीहिदे सुगा (Yoshihide Suga) को अपना नया नेता चुना है. इसका साफ़ मतलब है कि सुगा का जापान का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय हो गया है.

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  • Last Updated: September 14, 2020, 3:01 PM IST
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टोक्यो. जापान की गवर्निंग पार्टी (Liberal Democratic Party) ने शिंजो आबे (Shinzo Abe) के उत्तराधिकारी के रूप में योशीहिदे सुगा (Yoshihide Suga) को अपना नया नेता चुना है. इसका साफ़ मतलब है कि सुगा का जापान का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय हो गया है. पिछले महीने आबे ने स्वास्थ्य कारणों के कारण अपने इस्तीफे की घोषणा की जिसके बाद जापान में राजनैतिक माहौल गरमा गया था. नए प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए पार्टी में कई नाम उठने लगे थे.

एलडीपी के 377 सदस्यों ने सुगा के पक्ष में किया वोट

आबे के उत्तराधिकारी को चुनने के लिए हुए आंतरिक मतदान में सुगा को सत्तारूढ़ लिबरल डेमाक्रेटिक पार्टी  में 377 वोट प्राप्त हुए जबकि अन्य दो दावेदारों को 157 वोट हासिल हुए. सुगा को पार्टी में 70 फीसदी वोट हासिल हुए. अब जबकि एलडीपी ने अपना नया नेता चुन लिया है और संसद में बुधवार को एक और मतदान होगा जहाँ एलडीपी के बहुमत के कारण उन्हें प्रधानमंत्री बनाया जाना लगभग तय है।



सुगा वर्तमान प्रशासन में मुख्य कैबिनेट सचिव की निभा रहे हैं भूमिका
71 वर्षीय सुगा वर्तमान प्रशासन में मुख्य कैबिनेट सचिव के रूप में कार्य कर रहे थे और उन्हें प्रधानमंत्री आबे के करीबी माने जाते रहे हैं. सुगा की जीत तय मानी जा रही थी क्योंकि लिबरल डेमोक्रेटस का सत्तारूढ़ गठबंधन में बहुमत है. प्रशासन में मुख्य कैबिनेट सचिव की उनकी केंद्रीय भूमिका को देखते हुए 2021 के चुनाव तक उनसे एक अंतरिम सरकार का नेतृत्व जारी रखने की उम्मीद जा रही है.

सुगा ने कहा- मेरी शीर्ष प्राथमिकताएं कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ना

सुगा ने कहा है कि उनकी शीर्ष प्राथमिकताएं कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ना और इस महामारी से प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना है. उनका कहना है कि वे एक सुधारवादी हैं और उन्होंने नौकरशाही की क्षेत्रीय बाधाओं को तोड़ कर नीतियां हासिल करने का काम किया है.

नेतृत्व परिवर्तन का यह मौका देश के सबसे कठिन दौर में आया है

नेतृत्व परिवर्तन का यह मौका देश के सबसे कठिन दौर में आया है. देश अभी भी कोरोनोवायरस महामारी से जूझ रहा है जिसके कारण रिकॉर्ड र्आर्थिक मंदी पैदा हुई है. प्रधानमंत्री आबे की अबेनॉमिक्स नाम से अर्थव्यवस्था को किकस्टार्ट करने की लंबे समय से चली आ रही परियोजना लंबे समय से चल रही है और देश में कई वर्षों से ठहराव, मंदी या केवल धीमी वृद्धि ही देखी जा रही है.

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आबे की अधूरी योजनाओं में एक योजना थी जिसमें आबे जापान की सेना को औपचारिक रूप से मान्यता देने के लिए संविधान में एक खंड को बदलना चाहते थे, जिसे वर्तमान में आत्मरक्षा बल (Self Defence Force) कहा जाता है और अनिवार्य रूप से किसी भी अंतर्राष्ट्रीय सैन्य जनादेश में भाग लेने से रोका गया है. इस तरह की योजनाओं के लिए सुगा का नया प्रशासन स्थिरता प्रदान कर सकता है.
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