'नफरत में अंधे' अमेरिकी ने भारतीय बच्ची को कार से कुचला, अब ऐसी है हालत

'नफरत में अंधे' अमेरिकी ने भारतीय बच्ची को कार से कुचला, अब ऐसी है हालत
अस्पताल में भर्ती धृति की तस्वीर

अमेरिका में 23 अप्रैल को एक भारतीय मूल की 13 साल की बच्ची को उसके परिवार सहित हेट क्राइम का शिकार बना लिया गया. बच्ची फिलहाल ज़िंदगी से संघर्ष कर रही है.

  • Share this:
अमेरिका में 23 अप्रैल को एक भारतीय मूल की 13 साल की बच्ची को उसके परिवार सहित हेट क्राइम का शिकार बना लिया गया. बच्ची फिलहाल ज़िंदगी से संघर्ष कर रही है. बच्ची पर इस निर्दयता से वार किया गया है कि उसके दिमाग पर बेहद गंभीर चोटें आई हैं. वह कोमा में हैं.

किसने किया हमला

कैलिफोर्निया में हुए हेट क्राइम के इस संदिग्ध मामले में इराक युद्ध के पूर्व सैनिक ने मुसलमान समझकर इस बच्ची और उसके परिवार पर कार चढ़ा दी थी. सातवीं क्लास में पढ़ने वाली धृति नारायण 23 अप्रैल को अपने भाई, पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सन्नीवेल में एक सड़क पार कर रही थीं. इसी दौरान 34 साल के पूर्व सैनिक इसाह पीपुल्स ने उन सभी पर कार चढ़ा दी. पीपुल्स की गाड़ी से सात अन्य लोग भी घायल हुए. घायलों में धृति के पिता और उसका 9 साल का भाई भी शामिल है.



ये भी पढ़ें- अमेरिका के कोलोराडो के स्कूल में फायरिंग, कम से कम 7 घायल
कौन है हमलावर

इस मामले में पुलिस की मानें तो इस पूरे परिवार को हेट क्राइम के चलते निशाना बनाया गया, क्योंकि हमलावर को लगा कि वे मुसलमान हैं. बताया जा रहा है कि हमला करने वाला पूर्व सैनिक पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) से पीड़ित है. वह यूएस आर्मी में सार्जेंट था और 11 महीने तक इराक में रह चुका है. पीपुल्स को कई अवॉर्ड भी मिल चुके हैं. इसमें ग्लबोल वॉर के लिए दिया जाने वाला टेरेरिज़्म सर्विस मेडल भी शामिल है.

ये भी पढ़ें- अमेरिका की वजह से बर्बादी की कगार पर पहुंचा ये मुस्लिम देश!

पीपुल्स इराक युद्ध लड़ चुका है. वह फिलहाल सरकारी डिफेंस ऑजिटर के तौर पर काम कर रहा था. इस पूरी घटना में हमलावर पीपल्स को कहीं भी कोई चोट नहीं आई है. पुलिस के मुताबिक पीपुल्स ने उन लोगों पर जिस वक्त ये गाड़ी चढ़ाई वह उस वक्त बाइबिल स्टडी ग्रुप जा रहा था. फिलहाल वह जेल में है उस पर हत्या की कोशिश का मुकदमा चलाया जा रहा है.

धृति की है ऐसी हालत

सन्नीवेल मिडिल स्कूल की सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली धृति का अब तक काफी खून बह चुका है, उसके दिमाग में सूजन है. दबाव हटाने के लिए उसकी खोपड़ी का बायां हिस्सा निकाल दिया गया है.

धृति फिलहाल वेंटिलेटर पर है. उनके इलाज के लिए करीब आठ दिन पहले गोफंडमी नाम की वेबसाइट पर इलाज के लिए पैसे जुटाने की अपील की गई थी. आठ दिनों में अब तक 12,400 से ज़्यादा लोग धृति की मदद के लिए आगे आए हैं. अब तक 6,05,000 डॉलर जुटाये जा चुके हैं.

ये भी पढ़ें-

इन दो पत्रकारों को म्यांमार ने क्यों दी थी सज़ा, जेल में रहना पड़ा 500 दिन

सात महिलाओं का आरोप- गर्भवती होने पर amazon ने नौकरी से निकाला

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp अपडेट्स
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज