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Investment Tips : ऐसे ही नहीं घर की 'लक्ष्‍मी' होती हैं महिलाएं, कंजूस से भी खींच लाती हैं पैसा, बचत में भी पुरुषों से कहीं आगे

भारतीय संस्‍कृति में महिलाओं को घर की लक्ष्‍मी कहा जाता है. वैसे तो इसके पीछे कई तर्क दिए जाते हैं, लेकिन अगर हम निवेश और बचत के नजरिये से देखें तो भी यह बात सोलह आने सच नजर आती है. महिलाओं के कई ऐसे गुण हैं, जिनमें वे पुरुषों से कहीं 20 ठहरती हैं. बात चाहे बचत करने की हो या फिर मोलभाव करने की, उनका कोई सानी नहीं है. हम आपको 5 ऐसे उदाहरण बता रहे, जो महिलाओं को एक जबरदस्‍त मनी सेवर बताने के लिए काफी हैं.

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लंबा जीवन-लंबा निवेश : World Health Statistics की रिपोर्ट बताती है कि भारत में औसत जीवनकाल 70.8 वर्ष का होता है, जबकि महिलाओं का जीवनकाल पुरुषों की तुलना में 2.7 साल ज्‍यादा होता है. यह आंकड़े साफ बताते हैं कि महिलाओं को रिटायरमेंट के बाद ज्‍यादा फंड की जरूरत होगी और वे लांग टर्म के लिए ज्‍यादा निवेश भी कर सकती हैं. चूंकि, उनके सामने समय भी ज्‍यादा रहता है तो लांग टर्म का रिटर्न भी अधिक...

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कम कमाई तो ज्‍यादा बचत : भारत में महिला-पुरुष के बीच कमाई का अंतर भी काफी ज्‍यादा है. एक ऑफिशियल आंकड़े के मुताबिक, महिलाओं को देश में पुरुषों के मुकाबले समान काम के लिए 21 फीसदी कम वेतन मिलता है. यानी उनकी कमाई पुरुषों के मुकाबले कम हो जाती तो उनमें खर्च करने की आदत भी कम रहती है. इसीलिए मोलभाव में महिलाओं को अव्‍वल माना जाता है और वे किसी उत्‍पाद के पुरुषों के मुकाबले कम कीमत देती हैं...

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कम जोखिम में निवेश : महिलाओं को कम जोखिम उठाने वाला निवेशक माना जाता है. ज्‍यादातर महिलाएं अपने पैसे कम जोखिम वाले विकल्‍पों में ही लगाती हैं. उनके ज्‍यादातर पैसे एफडी और अन्‍य सरकारी बचत योजनाओं में लगते हैं, जबकि रियल एस्‍टेट और शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले रास्‍तों से वे दूर रहती हैं. जाहिर है उन्‍हें कम रिटर्न भी मिलत होगा, जिससे उनके अंदर ज्‍यादा बचत की आदत और बढ़ती जाती है.

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प्राथमिकता तय करने में महिलाएं आगे : घर का बजट संभालना महिलाओं के बांए हाथ का खेल होता है. जाहिर है कि वे निवेश का बजट भी बेहतर बना लेती हैं और लांग टर्म के लिए पैसे लगाने में कम जोखिम के साथ ज्‍यादा रिटर्न कमा सकती हैं. उनका ध्‍यान भी अपने निवेश और बचत पर ज्‍यादा केंद्रित रहता है.

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जिम्‍मेदारी से बनती है आदत : परिवार चलाने की जिम्‍मेदारी ज्‍यादातर महिलाओं पर होती है. घर के हर सामान और व्‍यक्ति का ख्‍याल रखना उन्‍हें काफी जिम्‍मेदार बनाती है और यही बात धीरे-धीरे उनमें बचत की आदत भी पैदा करती है. महिलाएं अपने निवेश और बचत के प्रति पुरुषों से कहीं ज्‍यादा जिम्‍मेदार होती हैं. यही कारण है कि वे हमेशा जोखिम वाले विकल्‍पों से दूर रहना पसंद करती हैं.

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    Investment Tips : ऐसे ही नहीं घर की 'लक्ष्‍मी' होती हैं महिलाएं, कंजूस से भी खींच लाती हैं पैसा, बचत में भी पुरुषों से कहीं आगे

    लंबा जीवन-लंबा निवेश : World Health Statistics की रिपोर्ट बताती है कि भारत में औसत जीवनकाल 70.8 वर्ष का होता है, जबकि महिलाओं का जीवनकाल पुरुषों की तुलना में 2.7 साल ज्‍यादा होता है. यह आंकड़े साफ बताते हैं कि महिलाओं को रिटायरमेंट के बाद ज्‍यादा फंड की जरूरत होगी और वे लांग टर्म के लिए ज्‍यादा निवेश भी कर सकती हैं. चूंकि, उनके सामने समय भी ज्‍यादा रहता है तो लांग टर्म का रिटर्न भी अधिक होगा.

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