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Delhi Air Quality: पटाखों ने बिगाड़ी दिल्ली की सेहत, आज भी दम घोंटू है हवा, ओवरऑल AQI 436 पहुंचा

Delhi Air Quality: दिल्ली में दिवाली के बाद वायु प्रदूषण (Delhi Air Pollution) और हवा की खराब गुणवत्ता ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. वहीं, करीब 4 साल बाद इस बार राजधानी के वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI ने नया रिकॉर्ड बना लिया है. साल 2016 में दिवाली के बाद दिल्ली का AQI लेवल 431 था. इस बार दिवाली के बाद 531, दूसरे दिन 533 और तीसरे दिन यानी रविवार को ओवरऑल एक्‍यूआई 436 है. बता दें कि राजधानी के वायु गुणवत्ता के 'खतरनाक' श्रेणी में पहुंचने के पीछे पटाखे चलाने के साथ पंजाब और हरियाणा में पराली जलाना भी अहम कारण है. (सभी फोटो-ANI)

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देश की राजधानी दिल्‍ली के लोगों पर दिवाली का जश्‍न भारी पड़ता नजर आ रहा है. दिवाली की रात पटाखे जलाने और अन्य कारणों से बढ़े प्रदूषण (Delhi Air Pollution) के कारण त्योहार के तीन दिन बाद भी दिल्ली की हवा खतरनाक श्रेणी (Delhi Air Quality) में बनी हुई है. पिछले 5 साल में शनिवार को पहली बार दिल्ली का AQI लेवल 533 पर पहुंचा था. इससे पहले 2016 में दिल्ली का AQI लेवल 431 दर्ज किया गया था.

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दिल्‍ली में शुक्रवार को AQI लेवल 531 था, तो रविवार को यह 436 है, जो कि पिछले कई सालों के मुकाबले खतरानाक बना हुआ है.

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राजधानी दिल्‍ली के प्रदूषण पर नजर रखने वाली मानक संस्था सफर ने अपनी रिपोर्ट में पहले ही कहा था कि पिछले वर्षों के मुकाबले अगर इस साल 50 फीसदी भी पटाखों का इस्तेमाल किया गया, तो दिल्ली की हवा खतरनाक श्रेणी में पहुंच जाएगी. दिवाली के बाद दिल्ली समेत आसपास के इलाकों के आसमान में धुंध छायी हुई है, जो कि आज भी दिखाई दे रही है.

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दिवाली के आसपास राजधानी की हवा खतरनाक स्तर पर पहुंचती रही है. यही वजह है कि वर्ष 2016 में दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक लेवल 431 तक चला गया था. इसके एक साल के बाद इसमें कमी आई और 2017 में यह 319 रहा, हवा की गुणवत्ता तब भी हानिकारक श्रेणी में ही बनी रही. साल 2018 में 7 नवंबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक 281 रहा, वहीं वर्ष 2019 में 27 अक्टूबर को यह 337 दर्ज किया गया. इसके एक साल बाद 2020 में 14 नवंबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 414 था, जो नया रिकॉर्ड बना. लेकिन इस बार दिवाली के दूसरे दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक के स्तर ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए और यह 531 पर पहुंच गया. वहीं, कुछ घंटों के अंतराल के बाद इसने एक बार फिर नया रिकॉर्ड कायम कर लिया है और यह शनिवार को 533 के लेवल पर पहुंच गया है, जो कि अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. हालांकि रविवार को भी यह 436 बना हुआ है.

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दिल्‍ली सरकार ने आतिशबाजी को रोकने के लिए 27 अक्टूबर को ‘पटाखे नहीं दीये जलाओ’ अभियान शुरू किया था. जबकि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने 28 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी में 1 जनवरी 2022 तक पटाखों की बिक्री और उनके जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था. वहीं, दिल्‍ली में पटाखे जलाने में संलिप्त पाये जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के संबद्ध प्रावधानों और विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी. इसके बाद भी दिल्‍ली में प्रदूषण बढ़ना चिंता की कारण बन गया है.

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दिल्ली सरकार ने दिवाली के त्योहार के बाद राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता खराब होने पर वायु प्रदूषण में प्रमुख योगदानकर्ता धूल के निस्तारण के लिए सड़कों पर पानी छिड़कने के वास्ते शनिवार को 114 पानी के टैंकर तैनात किए. पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Environment Minister Gopal Rai) ने हरी झंडी दिखाकर इन टैंकरों को रवाना करते हुए इसे लोगों की मदद के लिये “आपातकालीन उपाय” करार दिया.

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आम आदमी पार्टी के नेता राय ने कहा कि पराली जलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं. यह सब दिल्ली की हवा को प्रभावित कर रहा है. एक आपातकालीन उपाय के रूप में और लोगों की मदद के लिए, हम टैंकरों से पानी छिड़क रहे हैं, हमने स्मॉग गन भी लगा रखी है.

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    Delhi Air Quality: पटाखों ने बिगाड़ी दिल्ली की सेहत, आज भी दम घोंटू है हवा, ओवरऑल AQI 436 पहुंचा

    देश की राजधानी दिल्‍ली के लोगों पर दिवाली का जश्‍न भारी पड़ता नजर आ रहा है. दिवाली की रात पटाखे जलाने और अन्य कारणों से बढ़े प्रदूषण (Delhi Air Pollution) के कारण त्योहार के तीन दिन बाद भी दिल्ली की हवा खतरनाक श्रेणी (Delhi Air Quality) में बनी हुई है. पिछले 5 साल में शनिवार को पहली बार दिल्ली का AQI लेवल 533 पर पहुंचा था. इससे पहले 2016 में दिल्ली का AQI लेवल 431 दर्ज किया गया था.

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