शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचा तो लिपट कर रोने लगे मां-बहन, पिता ने दी मुखाग्नि

Martyr Nishant Malik: शहीद की अंतिम यात्रा में लोगों ने रास्ते में फूल बरसाए और भारत माता की जय के नारे लगाए. शहर से 5 किलोमीटर दूर गांव तक पहुंचने के लिए शहीद की अंतिम यात्रा को करीब 3 घंटे लग गए. गांव के राजकीय स्कूल में भी शहीद निशांत मलिक के शव को ग्रामीणों के अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया.

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