क्रांति की कहानी बयां करते घंटाघर से वक्त ने छीन ली उसकी खूबसूरती, देखिए खास तस्वीरें

एक जमाना था जब किसी भी शहर की शान वहां का घंटाघर होता है और घंटाघर की घड़ी इस शान में चार चांद लगाती थी, लेकिन इसे आप क्या कहेंगे कि यही घड़ी ही अक्सर बंद मिलती है. कुछ यही हाल क्रान्ति की नगरी मेरठ का भी है. मेरठ का घंटाघर यहां की आन बान शान है, लेकिन आज यहां पर गंदगी ने अपना डेरा जमा रखा है.

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