Firaq Gorakhpuri Shayari: 'ज़ब्त कीजे तो दिल है...' पढ़ें, फ़िराक़ गोरखपुरी के बेहतरीन शेर

फ़िराक़ गोरखपुरी की शायरी (Firaq Gorakhpuri Shayari): फ़िराक़ गोरखपुरी का जन्म 1 Aug 1896 को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोरखपुर (Gorakhpur) में हुआ था. जानकारी के मुताबिक उनका मूल नाम रघुपति सहाय था. वसीम ख़ैराबादी उनके गुरु थे. 'फ़िराक़' को साल 1960 में साहित्य अकादमी अवार्ड और 1960 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाज़ा गया था.

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