Jaan Nisar Akhtar Shayari: 'ये इल्म का सौदा ये रिसाले...' पढ़ें मोहब्बत को नया आयाम देती इश्क़िया शायरियां

Jaan Nisar Akhtar Shayari: जाँ निसार अख़्तर का जन्म 08 फरवरी 1914 को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में हुआ था. उनका मूल नाम सय्यद जाँ निसार हुसैन रिज़वी है. 'अख्तर' को साल 1976 में साहित्य अकादमी अवार्ड से सम्मानित किया गया था. जाँ निसार साल 1914-1976 के प्रगतिशील आंदोलन में सक्रिय थे. उनका नाम प्रमुख शायरों की फेहरिस्त में शामिल है. मशहूर शायर जाँ निसार अख़्तर ने इश्क़िया शायरी को नया आयाम दिया. ये फ़िल्मों के जाने-माने गीतकार भी रहे. मशहूर फ़िल्म लेखक व गीतकार जावेद अख़्तर (Javed Akhtar) जाँ निसार अख़्तर के बेटे हैं. पढ़ें जाँ निसार के चुनिंदा शेर

विज्ञापन
विज्ञापन
First published: