राजधानी में गर्मी का ऐसा हाल कि मंत्री भी हुए बेहाल

नेताओं की खासियत होती है कि वो अपने बयानों से विरोधियों के छक्के छुड़ा देते हैं. लेकिन बुधवार को ऐसा कुछ हुआ कि बयानों के तीर चलाने वाले नेताजी के पसीने छूट गए. केंद्रीय मंत्री हो या फिर राज्य के मंत्री हर कोई खुद को बेबस पा रहा था. एक मंत्री ने अपने बचाव के लिए नायाब तरीका ही ढूंढ निकाला.

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