'काजू भुने पलेट में, व्हिस्की गिलास में, उतरा है रामराज विधायक निवास में'

चुनावों के मौसम में हर तरफ सियासी चर्चाएं गर्म हैं. सियासत, चुनाव और नेताओं के बीच आम जनता का क्या हाल है? इन तमाम पहलुओं पर अलहदा तेवरों में बात करती कुछ कविताओं की पंक्तियां और शायरी, जो कहीं न कहीं कभी न कभी ज़ुबान पर आती ही रही हैं.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
First published: