जलवायु परिवर्तन का कीटों की 102 प्रजातियां बुरा असर, मानव जीवन के लिए भी खतरे की घंटी

पशु एक निर्धारित स्तर तक तापमान को बर्दाश्त कर सकते हैं. इस स्तर का उच्चतम या निम्नतम तापमान इसकी चरम तापीय सीमा कहलाता है और जब तापमान इस सीमा के पार चला जाता है तो पशुओं को या तो इससे तालमेल बैठाना होता है अथवा उस स्थान को छोड़कर किसी ठंडी जगह पर चले जाना पड़ता है. हालांकि, दुनिया भर में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और इस गर्मी में पूरे यूरोप में जबरदस्त लू का प्रकोप इस बात का संकेत है. इस तरह की गर्म हवाओं के कारण तापमान नियमित रूप से चरम तापीय सीमाओं को पार कर सकता है, जिससे कई प्रजातियों का जीवन खतरे में पड़ सकता है. कीड़ों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का मानव जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है. कीट की कई प्रजातियां पारिस्थितिक तंत्र में अहम भूमिका निभाती हैं जबकि अन्य की आवाजाही पारिस्थितिक तंत्र के संतुलन को बाधित कर सकती है.

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