ये है औजारों की नगरी, डूबने लगी मदर इंडस्ट्री तो मांओं-बेटियों ने संभाली कमान, अब ऐसे ढल रहा फौलाद

एक ज़माना था जब यहां तोपें बनाई जाती थीं. आज़ादी मिलने के बाद इस शहर में मदर इंडस्ट्री का विकास हुआ, लेकिन अब टैक्स और अन्य कारणों से यह उद्योग सिमट रहा है. ऐसे में महिलाओं ने चौका-चूल्हा छोड़ मशीनों से नाता जोड़ लिया है. तस्वीरों में देखिए कृष्ण कुमार की रिपोर्ट.

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