राजू ठेहट से लेकर आनंदपाल तक, जिस दोस्त की दोस्ती पर था नाज, उनकी 'दुश्मनी' पड़ गई भारी

राजस्थान के सीकर शहर में गैंगस्टर राजू ठेहट की दिनदहाड़े हुई हत्या के आरोप में रविवार को हिरासत में लिए गए पांच आरोपियों में से दो को गिरफ्तार किया गया है. गैंगस्टर ठेहट की हत्या शनिवार को सीकर के उद्योग विहार थाने के पिपराली रोड स्थित उसके घर के मुख्य दरवाजे पर ही कर दी गई थी. ठेहट की मौत के साथ ही राजस्थान में पिछले 18 साल से जारी दुश्मनी का तीसरा किरदार भी खत्म हो गया. ये तीन किरदार हैं बलबीर बानूड़ा, आनंदपाल और राजू ठेहट. बलबीर बानूड़ा और ठेहट कभी दोस्त थे, लेकिन दोनों की दुश्मनी ने सबकुछ तबाह कर दिया. बानूड़ा की हत्या 23 जुलाई 2014 को बीकानेर जेल में कर दी गई थी. 24 जून 2017 को चूरू के मालासर में गैंगस्टर आनंदपाल को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था. ठेहट की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए बीकानेर के गैंगस्टर रोहित गोदारा ने ट्वीट भी किया था जिसमें उसने लिखा, 'हमारे बड़े भाई आनंदपाल और बलबीर की हत्या में राजू ठेहट शामिल था. आज राजू ठेहट को मारकर हत्या का बदला ले लिया है. जल्दी ही हमारे और दुश्मनों से जल्द मुलाकात होगी.' बीकानेर के लूणकरणसर के रहने वाले रोहित गोदारा के संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से हैं. लॉरेंस गैंग से ही बलबीर बानूड़ा के बेटा सुभाष बानूड़ा के ताल्लुक हैं. रोहित का नाम पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के मर्डर में भी सामने आया था.

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