सुभाष चंद्र बोस जयंती : अंग्रेजों की गुलामी रास नहीं आई तो बना ली आजाद हिंद फौज

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पिता बेटे को आईसीएस (भारतीय सिविल सेवा) का अफसर बनाना चाहते थे. इसकी तैयारी के लिए सुभाष लंदन चले गए. 1920 में सुभाष ने आईसीएस की परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त किया, लेकिन अंग्रेजों की गुलामी करना उन्हें मंजूर नहीं था और उन्होंने आजाद हिंद फौज का गठन कर अंग्रेजों से लोहा लेने की ठान ली.

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