Taj Mahal Agra: गुजरात से आई 85 साल की बुजुर्ग महिला रजिया का कई सालों से ताजमहल देखने का सपना था. वहीं, सोमवार को महिला को उसके बहू और बेटा ताजमहल लेकर पहुंचे, लेकिन सीआईएसएफ के जवानों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए महिला को रोक दिया और उन्हें वापस कर दिया. इसके बाद एएसआई के अधिकारियों मदद से महिला को ताजमहल के दीदार हुए.(रिपोर्ट: हरिकांत शर्मा)
आगरा. इसमें कोई शक नहीं है कि ताज महल विश्व की सबसे खूबसूरत इमारतों में शुमार है. ताजमहल के प्रति लोगों की दीवानगी ऐसी है कि सात समुंदर पार से भी मोहब्बत की इस निशानी को निहारने के लिए आगरा खिंचे चले आते हैं. इस बीच सोमवार को ताजमहल पर एक अजीबोगरीब मामला देखने को मिला. इस खूबसूरत इमारत को निहारने के लिए एक 85 साल की बुजुर्ग महिला गुजरात से आई. बुजुर्ग महिला ने स्ट्रेचर पर लेट कर ताज का दीदार किया.
गुजरात से आई 85 साल की बुजुर्ग महिला का कई सालों से ताजमहल देखने का सपना था. समय का ऐसा चक्र घुमा कि समय रहते उसका सपना पूरा नहीं हुआ. बाद में महिला बीमार रहने लगी और वह व्हीलचेयर से स्ट्रेचर पर आ पहुंची. इस बीच परिवार वाले उसे लेकर ताजमहल पहुंच गए. हालांकि इस दौरान उनको एकबारगी ऐसा लगा कि यह सपना अधूरा ही रह जाएगा, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारी की वजह से बुजुर्ग महिला का सपना पूरा हो गया.
गुजरात की रहने वाली रजिया बहन अपने बेटे और बहू के साथ सोमवार दोपहर को ताजमहल पहुंची थी. बुजुर्ग महिला की हालत ऐसी थी कि वह व्हीलचेयर पर भी नहीं बैठ सकती थीं. मजबूरन महिला के बेटे ने स्ट्रेचर की व्यवस्था की और ताजमहल में एंट्री के लिए ले गए. वहीं, ताजमहल एंट्री पॉइंट पर सीआईएसएफ के जवानों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए महिला को रोक दिया और उन्हें वापस कर दिया. जैसे ही यह खबर एएसआई के अधिकारियों को मिली, तो उन्होंने स्ट्रेचर पर ही लेट कर महिला को ताजमहल का दीदार करवाने की इजाजत दी.
महिला ने पहली नजर में जैसे ही खूबसूरत इमारत ताजमहल को देखा तो आंखों से आंसू छलक आए. होठों की मुस्कान उसका सपना मुकम्मल होने का साफ इशारा कर रहे थे. बुजुर्ग महिला के बेटे और बहू ने एएसआई अधिकारियों का पत्र के माध्यम से धन्यवाद किया.