मेरठ : मुसाफिरों की सुरक्षा के लिए ई-रिक्शा से राइट एंट्री-एग्जिट बंद करवाने की हिदायत

मेरठ. ई-रिक्शा ने अब तमाम शहरों में अपनी पैठ बना ली है. जो रिक्शा चालक पहले पैडल वाला रिक्शा चलाया करते थे, उनमें से तकरीबन सभी ने अब खुद को ई-रिक्शे में शिफ्ट कर लिया है. इस ई-रिक्शे का फायदा यह है कि इससे मानव श्रम की तो बचत होती ही है, सवारियों की जेब पर भी बोझ कम पड़ता है. इसके अलावा ई-रिक्शा चालक दिन में अब आसानी से कई चक्कर लगा लिया करते हैं. इससे उनकी कमाई भी बढ़ी है. लेकिन मेरठ ट्रैफिक पुलिस की निगाह में ई-रिक्शा की बनावट में एक बड़ी खामी है, जिसकी वजह से दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं. इस खामी को दूर करने के मद्देनजर मेरठ ट्रैफिक पुलिस ने ई-रिक्शा मालिकों को निर्देश दिया कि वे अपने वाहन की दाहिनी तरफ लोहे की जाली या रॉड लगवाएं. एसपी ट्रैफिक ने वाहन निर्माताओं से भी अपील की है कि नए ई-रिक्शा के उत्पादन के वक्त ही उसकी दाहिनी तरफ लोहे की रॉड या जाली लगवा दें तो बेहतर होगा.

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